अनंतनाग : जम्मूकश्मीर के अनंतनाग में पुलिसकर्मी पर हुए हमले को लेकर टीआरएफ ने सोशल मीडिया के जरिए जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन ने अपने बयान में हमले को लेकर कई दावे किए हैं। कहा की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हमने लक्षित हमला किया। इस बयान में यह भी कहा गया है कि ‘रेजिस्टेंस फाइटर्स’ ने जम्मूकश्मीर पुलिस के एक कर्मी को निशाना बनाया।

दावे के अनुसार, जेकेपी के हेड कांस्टेबल आशीक हुसैन पर हमला किया गया जिसमें उन्हें पांच गोलियां लगीं। बयान में संगठन ने भारतीय सरकार और उसके समर्थकों के खिलाफ आगे भी प्रतिरोध जारी रखने की बात कही है।
दोपहर करीब 12:30 बजे हुई गोलीबारी में हेड कांस्टेबल आशीक हुसैन घायल हो गए थे। वह अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। हमले के बाद उन्हें तुरंत अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और हमलावरों की तलाश के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। सुरक्षाबल आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
अनंतनाग आतंकी हमले पर उपराज्यपाल का सख्त संदेश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात से बात कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने हमले में बलिदान हुए हेड कांस्टेबल आशीक हुसैन कुरैशी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
उपराज्यपाल ने कहा कि ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवान के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है। उन्होंने इस हमले को कायराना और निंदनीय करार देते हुए कहा कि इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मनोज सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि जम्मूकश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर तैनात हैं और हमले के जिम्मेदार आतंकियों को जल्द कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंक फैलाने की हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और दोषियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी।