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जोमैटो-स्विगी की होगी छुट्टी! अब ये कंपनी भी घर पहुंचाएगी गरमा-गरम खाना

जोमैटो-स्विगी की होगी छुट्टी! अब ये कंपनी भी घर पहुंचाएगी गरमा-गरम खाना
जोमैटो-स्विगी की होगी छुट्टी! अब ये कंपनी भी घर पहुंचाएगी गरमा-गरम खाना

अब फ्लिपकार्ट भी पहुंचाएगा खानाImage Credit source: ai generated

क्या आप भी खाना ऑर्डर करने के लिए बार-बार जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) के ऐप ही चेक करते हैं? अगर हां, तो बहुत जल्द आपके स्मार्टफोन में एक और नया विकल्प जुड़ने वाला है. ई-कॉमर्स की दुनिया में अपना सिक्का जमाने के बाद, अब वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी ‘फ्लिपकार्ट’ (Flipkart) आपकी खाने की टेबल तक पहुंचने की तैयारी कर रही है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इसी साल मई या जून के महीने में बेंगलुरु से अपने ‘फूड डिलिवरी’ पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत कर सकती है. यह एक तरह का ट्रायल रन होगा. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा और रिस्पॉन्स अच्छा मिला, तो कंपनी इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में पूरे देश में अपनी फूड डिलिवरी सर्विस लॉन्च कर देगी.

फ्लिपकार्ट के भीतर इस बात पर भी मंथन चल रहा है कि इस भीड़भाड़ वाले बाजार में अपनी अलग पहचान कैसे बनाई जाए. कंपनी के सूत्रों का कहना है कि वे सिर्फ एक और ऐप नहीं बनना चाहते, बल्कि मार्केट में अपनी एक अलग जगह (Niche) बनाने की कोशिश में हैं.

खुद का ऐप या ONDC का साथ?

फ्लिपकार्ट के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह किस रास्ते से आपके घर तक खाना पहुंचाए. कंपनी के रणनीतिकार (Strategists) फिलहाल दो विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. पहला यह कि क्या सरकार समर्थित ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ONDC) के साथ मिलकर आगे बढ़ा जाए, जैसा कि उन्होंने पहले भी प्लान किया था. या फिर, अपना खुद का एक स्वतंत्र प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए.

दिलचस्प बात यह है कि फ्लिपकार्ट ने पहले भी फूड डिलिवरी सेक्टर में ओएनडीसी के जरिए उतरने का मन बनाया था, लेकिन तब बात बन नहीं पाई थी. अब चाहे रास्ता कोई भी चुना जाए, लेकिन तैयारी जोरों पर है. खबर है कि फ्लिपकार्ट ने इस नए वर्टिकल के लिए एक डेडिकेटेड टीम बनानी भी शुरू कर दी है, जो इस बात का सबूत है कि कंपनी इस बार आर-पार के मूड में है.

10 मिनट की जंग में क्यों कूदना चाहती है फ्लिपकार्ट?

भारत का फूड डिलिवरी मार्केट तेजी से बड़ा हो रहा है. वित्त वर्ष 2025 में यह बाजार लगभग 9 अरब डॉलर का आंका गया है. ब्रोकरेज फर्म जेफ्रीज की एक रिपोर्ट बताती है कि 2030 तक यह बाजार बढ़कर 25 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.

फिलहाल इस पूरे बाजार पर जोमैटो और स्विगी का एकतरफा राज है. रैपिडो और ओएनडीसी की हिस्सेदारी अभी बहुत छोटी है. ऐसे में फ्लिपकार्ट को लगता है कि एक मजबूत प्लेयर के लिए अभी भी गुंजाइश बाकी है. साथ ही, 10 मिनट में डिलिवरी की बढ़ती मांग ने भी इस सेक्टर को और आकर्षक बना दिया है.

क्विक डिलिवरी सर्विस पहले से कर रही फ्लिपकार्ट

फ्लिपकार्ट ब्लिंकिट (Blinkit) और जेप्टो (Zepto) को भी कड़ी टक्कर दे रहा है. कंपनी अपने क्विक कॉमर्स वर्टिकल ‘फ्लिपकार्ट मिनट्स’ (Flipkart Minutes) पर तेजी से निवेश कर रही है. अभी कंपनी के पास 800 से ज्यादा डार्क स्टोर्स (डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स) हैं, और आने वाले महीनों में इनकी संख्या और बढ़ाने की योजना है. कंपनी का मकसद साफ है चाहे ग्रॉसरी हो या पका हुआ खाना, ग्राहक को कहीं और जाने की जरूरत न पड़े. अपने आईपीओ (IPO) से पहले फ्लिपकार्ट खुद को एक ‘सुपर ऐप’ के रूप में स्थापित करना चाहता है.

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