सनातन धर्म के लिए जुलाई का महीना काफी खास हो सकता है। क्योंकि जुलाई में कई बड़े व्रत और त्योहार पड़ते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक जुलाई महीने की शुरूआत आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि से हो रही है। वहीं समाप्ति श्रावण माह की प्रतिपदा तिथि से होगी। जुलाई महीने में देवशयनी एकादशी, जगन्नाथ रथयात्रा, गुरु पूर्णिमा, योगिनी एकादशी और श्रावण माह की शुरूआत हो रही है।
जुलाई महीने से ही चातुर्मास की शुरूआत होगी और भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे। वहीं इसके साथ ही मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। चातुर्मास की शुरूआत होते ही श्रावण का महीना शुरू हो जाएगा।

योगिनी एकादशी 2026
आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी व्रत किया जाएगा। आषाढ़ माह की एकादशी तिथि की शुरूआत 10 जुलाई की सुबह 08:16 मिनट पर हो रही है। जोकि अगले दिन यानी की 11 जुलाई की सुबह 05:22 मिनट तक है। ऐसे में 10 जुलाई को गृहस्थ लोग और 11 जुलाई को वैष्णव संप्रदाय के लोग व्रत करेंगे।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि
आषाढ़ माह में पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस दौरान 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। 15 जुलाई 2026 से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरूआत हो रही है। जोकि 23 जुलाई 2026 को समाप्त होगी।
जगन्नाथ रथयात्रा
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ रथयात्रा होगी। ओडिशा के पुरी के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी रथ यात्रा निकाली जाती है। इस बार 16 जुलाई 2026 को जगन्नाथ रथ यात्रा है।
देवशयनी एकादशी व्रत
देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व होता है। क्योंकि इस दिन से श्रीहरि सृष्टि की बागडोर को पूरे 4 महीने के लिए भगवान शिव को सौंपकर योग निद्रा में चले जाएंगे। इस कारण इसको देवशयनी या हरिशयनी एकादशी के नाम से जानते हैं। वहीं 4 माहों तक मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।
चातुर्मास 2026
24 जुलाई 2026 से आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरूआत सुबह 09:12 बजे से शुरू होगी। वहीं 25 जुलाई की रात 11:34 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। उदयातिथि के अनुसार 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा और इसके साथ ही चातुर्मास की शुरूआत होगी।
श्रावण मास 2026
30 जुलाई 2026 से भगवान शिव का प्रिय महीना श्रावण की शुरूआत हो रही है। वहीं श्रावण माह की समाप्ति 28 अगस्त को होगी। वहीं सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को होगी। इस बार कुल 4 सावन पड़ने वाले हैं।




