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क्या 2026 तक गायब होंगी ये नौकरियां? Microsoft AI चीफ की भविष्यवाणी से मचा हड़कंप

क्या 2026 तक गायब होंगी ये नौकरियां? Microsoft AI चीफ की भविष्यवाणी से मचा हड़कंप


AI Set to Disrupt White-Collar Jobs : दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Microsoft के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चीफ की भविष्यवाणी से पूरे जॉब मार्केट में हड़कंप मच गया है. माइक्रोसॉफ्ट AI के CEO मुस्तफा सुलेमान ने एक बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि अगले 12 से 18 महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम के ज्यादा काबिल होने से कई व्हाइट-कॉलर जॉब्स ऑटोमेटेड हो सकती हैं. सुलेमान ने कहा कि AI में तेजी से हो रही तरक्की अकाउंटिंग, मार्केटिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे सेक्टर में प्रोफेशनल काम करने का तरीका बदल सकती है. ये बात टेक्नोलॉजी लीडर्स के बीच AI के रोजगार और एंटरप्राइज वर्कफ्लो पर असर को लेकर बढ़ती बहस को और बढ़ाती है.

हाल ही में, एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने दावा किया था कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एक प्रोफेशन के तौर पर 12 महीनों में बेकार हो जाएगी.

व्हाइट-कॉलर काम और AI ऑटोमेशन पर माइक्रोसॉफ्ट AI के CEO ने क्या कहा?

माइक्रोसॉफ्ट AI के CEO मुस्तफा सुलेमान ने कहा कि कंपनी ‘प्रोफेशनल ग्रेड AGI’ को डेवलप कर रही है. उन्होंने कहा कि कई ऑफिस-बेस्ड रोल के अगले 12 से 18 महीनों में अधिकतर काम ऑटोमेटेड यानी की खुद हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि AI एजेंट्स से उम्मीद है कि वे अगले दो से तीन सालों में बड़े ऑर्गनाइजेशन्स में कोऑर्डिनेट करने की अपनी काबिलियत को बेहतर बनाएंगे. एक्सपीरियंस से सीखेंगे और अधिक ऑटोनॉमस एक्शन लेंगे.

AI सेल्फ-सफिशिएंसी के लिए माइक्रोसॉफ्ट का जोर

सुलेमान ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट के पास OpenAI के एडवांस्ड मॉडल्स का एक्सेस है. लेकिन अब वह बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनल AI टीमों का इस्तेमाल करके अपने खुद के फाउंडेशन मॉडल्स बना रहा है. कंपनी इस साल के आखिर में अपने इन-हाउस मॉडल्स लॉन्च करने का प्लान बना रही है और लॉन्ग-टर्म AI डेवलपमेंट को सपोर्ट करने के लिए डेटा, चिप्स और डेटा सेंटर्स में इन्वेस्टमेंट बढ़ा रही है.

आउटडेटेड हो जाएगी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग

पिछले महीने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग अगले 12 महीनों में आउटडेटेड हो जाएगी. अमोदेई का तर्क है कि ‘तरक्की की रफ्तार’ ही वो वजह है जो AI को वर्कफोर्स के लिए अधिक खतरनाक बनाती है. उन्होंने कहा था कि AI में तरक्की की रफ्तार पिछली टेक्नोलॉजिकल क्रांतियों की तुलना में बहुत तेज है. उदाहरण के लिए पिछले 2 सालों में AI मॉडल मुश्किल से कोड की एक लाइन पूरी कर पाते थे, लेकिन अब वे कुछ लोगों के लिए पूरा या लगभग सारा कोड लिख रहे हैं. इसमें एंथ्रोपिक के इंजीनियर भी शामिल हैं.

सवाल: क्या सच में 12–18 महीनों में व्हाइट-कॉलर नौकरियां खत्म हो जाएंगी?

जवाब: Microsoft AI के CEO मुस्तफा सुलेमान के मुताबिक, अगले 12 से 18 महीनों में कई ऑफिस-बेस्ड जॉब्स के बड़े हिस्से ऑटोमेट हो सकते हैं. इसका मतलब ये नहीं है कि सभी नौकरियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी. बल्कि कई रोल्स में इंसानों की जगह AI सिस्टम ज्यादा काम संभाल सकते हैं या काम करने का तरीका बदल सकता है.

सवाल: किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है?

जवाब: सुलेमान ने खास तौर पर अकाउंटिंग, मार्केटिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे प्रोफेशनल सेक्टर्स का जिक्र किया है. इसके अलावा, एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग को भी जोखिम वाला सेक्टर बताया है.

सवाल: क्या AI इंसानों की पूरी तरह जगह ले लेगा?

जवाब: कई टेक लीडर्स मानते हैं कि AI कई दोहराए जाने वाले और डेटा-बेस्ड काम संभाल सकता है. लेकिन, क्रिएटिव सोच, स्ट्रेटेजिक निर्णय और मानवीय समझ जैसे सेक्टर्स में इंसानों की भूमिका अभी भी जरूरी रहेगी.

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