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बरेली: आखिर क्यों पलायन करने को मजबूर हैं 200 हिंदू परिवार, जानें क्या है पूरा मामला – Khabar Monkey

बरेली: आखिर क्यों पलायन करने को मजबूर हैं 200 हिंदू परिवार, जानें क्या है पूरा मामला – Khabar Monkey
बरेली: आखिर क्यों पलायन करने को मजबूर हैं 200 हिंदू परिवार, जानें क्या है पूरा मामला

हिंदू परिवारों ने दी पलायन की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के विशारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मद गंज गांव के 200 हिंदू परिवारों ने पलायन करने की घोषणा की है. गांव वालों का आरोप है कि मोहम्मद गंज गांव में हर जुम्मे को सामूहिक नमाज घरों में पढ़ी जाती है, लेकिन इसको लेकर कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है. बीते जुम्मे को भी घर में अवैध रूप से नमाज अदा की गई और जब इसकी सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिस भी उल्टा हिंदू पक्ष को ही दबाने में जुट गई. लिहाजा ग्रामीणों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर चस्पा किए हैं.

दरअसल, 16 जनवरी 2026 को विशारतगंज के मोहम्मद गंज गांव में घर के अंदर अवैध रूप से सामूहिक नमाज पढ़ने का मामला सामने आया था. मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनका चालान करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया. उस समय लग रहा था कि यह मामला अब शांत हो गया, लेकिन एक महीने बाद बिल्कुल वैसी ही घटना प्रकाश में आई है, जिसमें घर में ही मुस्लिम समुदाय के लोग सामूहिक नमाज अदा करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

घरों में अदा की जा रही नमाज

घटनाक्रम का वीडियो जब गांव वालों ने पुलिस को दिया तो वह उन्हें ही धमकाने लगे. इसके बाद गांव वालों ने जमकर हंगामा किया और बाद में अपने घरों के बाहर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिखा गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कोई भी मस्जिद नहीं है और मुस्लिम समुदाय के लोग पड़ोस के गांव में शुक्रवार को जुम्मा की नमाज पढ़ने जाया करते थे, लेकिन अब मोहम्मद गंज गांव में ही चोरी छुपे घरों में सामूहिक नमाज अदा की जा रही है.

कानून की उड़ रही धज्जियां

गांव वालों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोग पुलिस की शह पर आए दिन उनके साथ मारपीट और हंगामा करते हैं. हर जुम्मे को अलग-अलग घरों की छत पर इकट्ठा होकर नमाज अदा करते हैं. कानूनी तौर पर सामूहिक नमाज मस्जिद या मदरसे में ही अदा की जा सकती है. इसके अलावा अन्य जगह पर सामूहिक नमाज होना कानून की अवहेलना है.

योगी से लगाई न्याय की गुहार

गांव वालों ने योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि अगर सामूहिक नमाज पढ़ने घरों में बंद नहीं हुई तो वह मजबूरी में अंतिम विकल्प अपने घरों को बेचकर एक नया बसेरा बनाने की की सोच रहे हैं. अब देखना यह है कि क्या 200 परिवार पलायन कर जाएंगे या सामूहिक नमाज के मुद्दे को पुलिस प्रशासन खत्म कर पता है.

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