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व्हिस्की के घूंट और लग्जरी कारों की सवारी होगी सस्ती, अप्रैल से लागू हो सकती है इंडिया-यूके डील

व्हिस्की के घूंट और लग्जरी कारों की सवारी होगी सस्ती, अप्रैल से लागू हो सकती है इंडिया-यूके डील
व्हिस्की के घूंट और लग्जरी कारों की सवारी होगी सस्ती, अप्रैल से लागू हो सकती है इंडिया-यूके डील

इंडिया-यूके ट्रेड डीलImage Credit source: PTI PHOTOES

भारत और ब्रिटेन के बीच जुलाई, 2025 में हस्ताक्षरित भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के अप्रैल, 2026 में लागू होने की संभावना है. एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई, 2025 को Comprehensive Economic and Trade Agreement (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत भारत के 99 फीसदी उत्पाद ब्रिटेन में बिना किसी शुल्क के भेजे जा सकेंगे, जबकि भारत में ब्रिटेन से आने वाली कारों और व्हिस्की पर कम शुल्क लगेगा. अधिकारी ने बताया कि हमे इस समझौते के अप्रैल में लागू होने की उम्मीद है. दोनों देशों ने दोहरा अंशदान संधि (डीसीसी) पर भी हस्ताक्षर किए हैं, ताकि अस्थायी कर्मचारी किसी भी देश में दो बार सामाजिक कर न दें. अधिकारी ने बताया कि दोनों समझौते एक साथ लागू किए जा सकते हैं.

अनुमोदन प्रक्रिया जारी है

लागू होने से पहले, इस समझौते को ब्रिटेन की संसद से मंज़ूरी लेनी होगी. भारत में, ऐसे व्यापार समझौतों को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंज़ूरी दी जाती है. ब्रिटेन के सदन में इस सप्ताह की शुरुआत में भारत-ब्रिटेन CETA पर बहस हुई. व्यापार एवं वाणिज्य विभाग में राज्य मंत्री क्रिस ब्रायंट ने इस समझौते को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह ब्रिटेन के व्यवसायों के लिए द्वार खोलने के मामले में भारत की पिछली मिसाल से कहीं आगे जाता है. ब्रिटिश संसद वर्तमान में समझौते की पुष्टि करने की प्रक्रिया में है, जिसमें हाउस ऑफ कॉमंस, हाउस ऑफ लॉर्ड्स दोनों में बहस के साथ-साथ समिति स्तर की समीक्षाएं भी शामिल हैं. अनुमोदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यह समझौता आपसी सहमति से तय की गई तारीख पर लागू होगा.

व्यापार पर इस समझौते का प्रभाव

CETA का लक्ष्य 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच मौजूदा 56 अरब डॉलर के व्यापार को दोगुना करना है. भारत ने चॉकलेट, बिस्कुट और ब्यूटी प्रोडक्ट्स सहित कई ब्रिटिश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के लिए अपने बाजार खोल दिए हैं. इसके बदले में, भारतीय निर्यातकों को वस्त्र, जूते, रत्न और आभूषण, खेल सामग्री और खिलौने जैसे उत्पादों के लिए ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है. समझौते के तहत, स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क तत्काल 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दिया जाएगा और 2035 तक इसे और घटाकर 40 फीसदी कर दिया जाएगा.

ऑटोमोबाइल पर, भारत कोटा-बेस्ड सिस्टम के तहत पांच सालों में टैरिफ को धीरे-धीरे 110 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर देगा. इसके बदले में, भारतीय मेकर्स को कोटा ढांचे के तहत इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के लिए ब्रिटेन में बाजार पहुंच प्राप्त होगी. यह समझौता दुनिया की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी इकोनॉमी के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसके लागू होने के बाद व्यापार प्रवाह को नया रूप देने की उम्मीद है.

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