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WhatsApp सुरक्षित नहीं है, Meta पर मुकदमे के बाद Elon Musk का बड़ा दावा

WhatsApp सुरक्षित नहीं है, Meta पर मुकदमे के बाद Elon Musk का बड़ा दावा

एक्स और टेस्ला के मालिक एलन मस्क का कहना है कि व्हाट्सएप सुरक्षित नहीं है. उन्होंने Signal जैसे दूसरे मैसेजिंग ऐप पर भी सवाल उठाए और X Chat को बेहतर विकल्प बताया है. WhatsApp की प्राइवेसी को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. अमेरिका में Meta के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे के बाद Elon Musk ही नहीं Telegram के CEO Pavel Durov ने भी WhatsApp की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं. दोनों टेक दिग्गजों ने दावा किया है कि WhatsApp उतना सुरक्षित नहीं है, जितना कंपनी लोगों को बताती है. यह बहस ऐसे समय पर सामने आई है, जब करोड़ों लोग WhatsApp को सबसे भरोसेमंद मैसेजिंग ऐप मानते हैं.

Elon Musk ने उठाए सवाल

Elon Musk ने WhatsApp की सुरक्षा को लेकर संदेह जताया है. उन्होंने व्हिसलब्लोअर से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि WhatsApp सुरक्षित नहीं है. Musk ने Signal जैसे दूसरे मैसेजिंग ऐप पर भी सवाल उठाए और X Chat को बेहतर विकल्प बताया. Musk के इस बयान ने प्राइवेसी और मैसेजिंग ऐप्स की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

Pavel Durov का भी तीखा बयान

Telegram के संस्थापक और CEO Pavel Durov ने X पर पोस्ट करते हुए WhatsApp के एन्क्रिप्शन सिस्टम पर सीधा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि Telegram ने पहले WhatsApp के एन्क्रिप्शन सिस्टम का एनालिसिस किया था, जिसमें कई attack vectors पाए गए. पावेल दुरोव ने यहां तक कह दिया कि 2026 में भी अगर कोई व्हाट्सएप को सुरक्षित मानता है, तो वह सच्चाई को नजरअंदाज कर रहा है. उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

मुकदमे में WhatsApp पर क्या आरोप हैं?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित कोर्ट में मेटा के खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया है. इसमें आरोप लगाया गया है कि व्हाट्सएप ने यूजर्स को यह भरोसा दिलाया कि उसकी end-to-end encryption के कारण कोई भी, यहां तक कि मेटा भी, मैसेज नहीं पढ़ सकता. लेकिन याचिका में दावा किया गया है कि मेटा यूजर्स के मैसेज स्टोर करता है, उनका एनालिसिस करता है और उन्हें एक्सेस कर सकता है. इस केस में भारत समेत कई देशों के यूजर्स शामिल हैं.

Meta और WhatsApp का पलटवार

मेटा ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद और भ्रामक बताया है. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि व्हाट्सएप पिछले एक दशक से end-to-end encryption का इस्तेमाल कर रहा है. व्हाट्सएप प्रमुख Will Cathcart ने भी Elon Musk के दावे को खारिज करते हुए कहा कि मैसेज की एन्क्रिप्शन-की यूजर के फोन में रहती हैं, व्हाट्सएप के पास नहीं. उन्होंने इस मुकदमे को सिर्फ सुर्खियां बटोरने की कोशिश बताया.

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