उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कल (बुधवार, 11 फरवरी) विधानसभा में अपना दसवां बजट पेश करने जा रही है. ऐसे में कल का दिन प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का यह आखिरी पूर्ण बजट महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए तैयार किया गया लगता है.
जानकारी के मुताबिक करीब 9 से 9.5 लाख करोड़ रुपए के अनुमानित बजट में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर विशेष फोकस है, जिसमें निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ोतरी से लेकर मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी वितरण तक शामिल हैं. यह बजट महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश किए जाने वाले इस बजट में जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत निराश्रित महिलाओं और वृद्धजनों के लिए पेंशन में 500 रुपए की वृद्धि की संभावना है. वर्तमान में यह पेंशन महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा है, और इस बढ़ोतरी से लाखों महिलाओं को मासिक आर्थिक राहत मिलेगी. सरकार का यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण और शहरी गरीब महिलाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है, जो परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अक्सर आर्थिक तंगी का सामना करती हैं.महिलाओं की स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा.
शी-मार्ट योजना को जगह मिलने की उम्मीद
बजट में केंद्र सरकार की शी-मार्ट योजना को स्थान मिलने की उम्मीद है, जो महिलाओं को बाजार पहुंच और उत्पाद बिक्री के अवसर प्रदान करेगी. इससे ग्रामीण महिलाएं अपने हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों और अन्य छोटे व्यवसाय को मजबूत बना सकेंगी. विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देगी और उन्हें परिवार की आय में योगदान देने का मौका देगी.
मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी
इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण घोषणा मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी वितरण की है. सरकार का यह संकल्प इस वर्ष पूरा होने की संभावना है, जो लड़कियों की शिक्षा और मोबिलिटी को बढ़ावा देगा. ग्रामीण इलाकों में जहां परिवहन की कमी से लड़कियां स्कूल-कॉलेज जाने में हिचकिचाती हैं, वहां स्कूटी जैसी सुविधा उन्हें सशक्त बनाएगी. इससे न केवल शिक्षा दर में वृद्धि होगी, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता भी सुनिश्चित होगी.बजट का एक चौथाई हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित होने से महिलाओं को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा.
पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए सौगात
पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों में विकास निधि के लिए 1900 करोड़ रुपये का आवंटन संभावित है, जो महिलाओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर पैदा करेगा. बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को मोटा पैकेज मिलने से स्थानीय महिलाओं को औद्योगिक रोजगार मिल सकता है. इसके अलावा, सड़कों के लिए 45 हजार करोड़ और परिवहन के लिए 4700 करोड़ रुपए के प्रावधान से महिलाओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनेगी.
शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं पर फोकस
शिक्षा क्षेत्र में भी महिलाओं पर फोकस है. बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का आवंटन लड़कियों की शिक्षा को मजबूत करेगा, जबकि शहरी अवस्थापना के लिए 12 हजार करोड़ से महिलाओं की शहरी भागीदारी बढ़ेगी.इसके अलावा खेलों के प्रोत्साहन के लिए 1000 करोड़ और स्पोर्ट्स कॉलेजों के लिए 25 करोड़ से अधिक का प्रावधान लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर देगा.
कुल मिलाकर, यह बजट महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में लाने का प्रयास करता नजर आता है. चुनावी साल में सीएम योगी आदित्यनाथ की यह रणनीति महिलाओं को साधने की कोशिश है, जो राज्य की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं. हालांकि, बजट की असली तस्वीर कल सामने आएगी, लेकिन माना जा रही है कि यह महिलाओं के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है.






