
UP Board Result 2026 Fraud: उत्तर प्रदेश में लाखों छात्रों के घरों में इन दिनों एक ही सवाल गूंज रहा है कि UP Board का रिजल्ट कब आएगा. और इसी बेचैनी का फायदा उठाने के लिए ठग पहले से मैदान में उतर चुके हैं. परीक्षा परिणाम आने से पहले ही फर्जी कॉल्स और मैसेज का सिलसिला शुरू हो गया है जिसमें बच्चों और उनके माँ-बाप को “नंबर बढ़वाने” का लालच दिया जा रहा है. यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी UPMSP ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक अहम एडवाइजरी जारी की है. बोर्ड ने साफ कहा है कि ऐसे किसी भी झांसे में न आएं.
ठग कैसे फंसाते हैं छात्रों को?
तरीका पुराना है लेकिन हर साल काम करता है. फोन आता है, सामने वाला खुद को बोर्ड का अधिकारी बताता है. कहता है कि उसके पास बोर्ड का डेटाबेस है, रोल नंबर दो, पैसे दो और नंबर बढ़ जाएंगे. कुछ तो इतने शातिर होते हैं कि फर्जी पहचान पत्र तक भेजते हैं ताकि भरोसा हो जाए. घबराए हुए छात्र और चिंतित माता-पिता कई बार इस जाल में फंस जाते हैं और पैसे गंवा बैठते हैं. बाद में पता चलता है कि न कोई अधिकारी था, न कोई डेटाबेस.
बोर्ड ने क्या कहा?
UPMSP ने दो टूक कहा है कि बोर्ड कभी भी किसी छात्र को व्यक्तिगत रूप से फोन, SMS या ईमेल नहीं करता. अगर कोई ऐसा दावा करे तो समझ लीजिए वो ठग है. बोर्ड ने यह भी बताया कि ऐसे मामलों में पुलिस के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई की जाएगी. IT Act और भारतीय न्याय संहिता के तहत इन अपराधियों पर मुकदमा दर्ज होगा.
क्या करें, क्या न करें?
अगर ऐसा कोई कॉल या मैसेज आए तो ये बातें याद रखें.
संदिग्ध कॉल, मैसेज या ईमेल पर बिल्कुल भरोसा न करें क्योंकि बोर्ड इस तरह संपर्क नहीं करता.
अपना नाम, रोल नंबर, बैंक डिटेल या कोई भी निजी जानकारी किसी अनजान को न दें.
साइबर हेल्पलाइन नंबर पर करें शिकायत
कुछ भी गड़बड़ लगे तो तुरंत कॉल रिकॉर्ड करें और जिला विद्यालय निरीक्षक यानी DIOS से संपर्क करें या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं. रिजल्ट का इंतजार करना स्वाभाविक है लेकिन इस इंतजार में किसी ठग को अपनी मेहनत की कमाई लूटने का मौका मत दीजिए. बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ही एकमात्र भरोसेमंद जरिया है, बाकी सब झूठ है.





