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UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा के छात्र ध्यान दें, जान लें एग्जाम से जुड़े ये जरूरी नियम

UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा के छात्र ध्यान दें, जान लें एग्जाम से जुड़े ये जरूरी नियम
UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा के छात्र ध्यान दें, जान लें एग्जाम से जुड़े ये जरूरी नियम

सांकेतिक फोटोImage Credit source: PTI

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को पारदर्शी ढंग से कराने के लिए बोर्ड सचिव ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों में परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं, परीक्षार्थियों की उपस्थिति, आंसर शीट्स संबंधी नियमों और देर से आने वाले छात्रों के लिए स्पष्ट प्रावधान तय किए गए हैं. खास बात यह है कि अब परीक्षा शुरू होने के बाद अधिकतम आधा घंटा देरी से पहुंचने वाले विद्यार्थियों को केंद्र व्यवस्थापक की अनुमति से परीक्षा में बैठने का अवसर मिल सकेगा. बोर्ड ने केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट रूप से निर्धारित की हैं.

प्रयागराज से जारी निर्देशों के अनुसार, यूपी बोर्ड परीक्षा में अगर कोई परीक्षार्थी प्रश्नपत्र शुरू होने के बाद अधिकतम 30 मिनट की देरी से पहुंचता है तो केंद्र व्यवस्थापक उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकते हैं. हालांकि, आधे घंटे से ज्यादा देर से आने वाले विद्यार्थियों को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

आंसर शीट्स और उपस्थिति से जुड़े नियम

बोर्ड ने आंसर शीट्स को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं. प्रत्येक छात्र को अपनी आंसर शीट्स पर छपा क्रमांक अटेंडेंस शीट में अनिवार्य रूप से लिखना होगा. यह सुनिश्चित करना कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी होगी. साथ ही, हर परीक्षार्थी से आंसर शीट्स के प्रत्येक पेज पर अपना सीरियल नंबर और आंसर शीट्स क्रमांक लिखवाना भी कक्ष निरीक्षक का व्यक्तिगत दायित्व रहेगा.

एग्जाम की तारीख और समय

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी. प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए कुल समय 3 घंटे 15 मिनट निर्धारित किया गया है. इसमें पहले 15 मिनट केवल प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए दिए जाएंगे. दिव्यांग और दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को नियत समय के अतिरिक्त प्रति घंटे 20 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा.

बाहरी स्टाफ की नियुक्ति और सुरक्षा प्रबंध

हर परीक्षा केंद्र पर कम से कम 50 प्रतिशत स्टाफ अन्य विद्यालयों से नियुक्त किया जाएगा. स्ववित्तपोषित विद्यालयों में भी यथासंभव आधा स्टाफ राजकीय और अशासकीय माध्यमिक स्कूलों से लगाया जाएगा. रिजर्व प्रश्नपत्रों की अलमारी खोलने या बंद करने की प्रक्रिया जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा, परिषद सचिव के निर्देश पर, संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में ही की जाएगी. इससे परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी.

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