
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों और प्रमुख राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है. राज्य सरकार द्वारा विधान परिषद में दी गई जानकारी के अनुसार अलग-अलग नेताओं को उनकी सुरक्षा श्रेणी और खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए हैं. उपलब्ध आंकड़ों से साफ है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के प्रमुखों के पास सबसे अधिक सुरक्षा बल तैनात हैं. यहां तक कि देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इन नेताओं से पीछे रह गए. आइए जानते हैं सब.
यह है मामला
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी विधान परिषद में बताया कि प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से राजनाथ सिंह व मायावती से ज्यादा अखिलेश की सुरक्षा में कर्मी लगे हुए हैं. जबकि, पूर्व सीएम में एनएससी सुरक्षा सिर्फ मायावती को मिली हुई है. यह मामला सपा के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने विधान परिषद में उठाया था. उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा की विचारधारा में अंतर हो सकता है, लेकिन सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहिए. उन्होंने पूर्व सीएम अखिलेश यादव के लिए एनएसजी सुरक्षा की मांग की.
अखिलेश यादव के पास सबसे ज्यादा सुरक्षा
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्रियों में सबसे ज्यादा सुरक्षा पाने वाले नेता हैं. सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, उनकी सुरक्षा में कुल 185 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. इनमें 24 विशेष रूप से कोबरा कमांडो भी शामिल हैं. बता दें, अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में कन्नौज से सांसद हैं. उन्हें Z-Plus श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. सदन में सरकार ने स्पष्ट किया कि उनकी सुरक्षा में किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई है. सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस भी हुई. समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि पहले अखिलेश यादव को एनएसजी सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया. पार्टी की ओर से एनएसजी सुरक्षा बहाल करने की मांग भी उठाई गई है. हालांकि राज्य सरकार ने कहा कि एनएसजी सुरक्षा देना केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है.
मायावती की भी है एकदम टाइट सिक्योरिटी
मायावती की सुरक्षा में कुल 161 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. वे इस समय एकमात्र पूर्व मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) की सुरक्षा भी मिली हुई है. बता दें, मायावती बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. उन्हें भी Z-Plus श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, उनके सुरक्षा घेरे में राज्य पुलिस बल के अतिरिक्त NSG कमांडो भी शामिल हैं. सरकार ने बताया कि वर्तमान में किसी अन्य पूर्व मुख्यमंत्री को एनएसजी कवर नहीं दिया गया है.
राजनाथ सिंह थोड़े से हैं पीछे
राजनाथ सिंह, जो उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में देश के रक्षा मंत्री हैं, उनकी सुरक्षा में 82 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. राजनाथ सिंह अक्टूबर 2000 से मार्च 2002 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे. वर्तमान में वे केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण पद पर हैं. उनकी सुरक्षा व्यवस्था केंद्र और राज्य स्तर के समन्वय से तय होती है. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें सुरक्षा दी गई है, लेकिन संख्या के लिहाज से उनके पास तैनात सुरक्षाकर्मियों की संख्या अखिलेश यादव और मायावती से कम है.
सुरक्षा संख्या ज्यादा क्यों?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों की संख्या केवल व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं होती. इसमें कई स्तर शामिल होते हैं.




