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AI समिट में दिखी अनोखी झलक, अब गहनों में भी एआई करेगा कमाल, ऐसे बनी ग्रीन ज्वैलरी

AI समिट में दिखी अनोखी झलक, अब गहनों में भी एआई करेगा कमाल, ऐसे बनी ग्रीन ज्वैलरी
AI समिट में दिखी अनोखी झलक, अब गहनों में भी एआई करेगा कमाल, ऐसे बनी ग्रीन ज्वैलरी

ज्वैलरी का डिजाइन AI से तैयार होता है.

आज के दौर में हर तरफ AI की चर्चा है. AI की चर्चा इसलिए भी खास है क्योंकि दिल्ली के भारत मंडपम में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस 2026 की शुरुआत हो चुकी है. खेती हो ट्रेन या फिर टेक्नॉलिजी हर तरफ AI का इस्तेमाल बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में अब ज्वैलरी सेक्टर में भी एआई की झलक दिखने लगी है. एक भारतीय स्टार्टअप ने एआई से तराशे अपने ज्वैलरी प्रोडक्ट को भी लॉन्च कर दिया है. कंपनी का कहना है कि उसका पूरा फोकस ज्वैलरी की डिजाइन से लेकर उसके निर्माण तक में एआई का इस्तेमाल करना है, ताकि उसके प्रोडक्ट में तकनीक और परंपरा का मिलाजुला संगम दिखे. कंपनी ने अपने कारीगरों को भी एआई के साथ तालमेल बैठाने के लिए प्रशिक्षित किया है.

लैब में डायमंड बनाने वाली कंपनी Caratix Jovella Pvt. Ltd. ने अपने नए ज्वेलरी ब्रांड DAIMANTE को भारतीय लग्जरी ज्वेलरी बाजार में पेश कर दिया है. कंपनी का नजरिया साफ है कि डायमंड्स का भविष्य तकनीक, नैतिकता और डिजाइन के संगम पर आधारित है. एआई के इस्तेमाल से ग्रीन लग्जरी ब्रांड के रूप में DAIMANTE AI से डिजाइन और पारंपरिक कारीगरी को मिलाकर ज्वेलरी बनाती है.

AI और कारीगरी का अनोखा संगम

DAIMANTE की हर ज्वेलरी पीस की कहानी AI से शुरू होती है. सबसे पहले AI डिजाइन को तैयार करता है. फिर भारतीय कारीगर अपनी कला से उन्हें जीवंत बना देते हैं. यहां तकनीक कल्पना को उड़ान देती है और कारीगर उसे आत्मा प्रदान करते हैं. पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित DAIMANTE मेक इन इंडिया के विजन को आगे बढ़ाता है. डिजाइन से लेकर डायमंड ग्रोथ, गोल्ड सोर्सिंग और फिनिशिंग तक सभी प्रक्रियाएं देश में ही होती हैं. यही कारण है कि यह ब्रांड भारत को ज्वेलरी निर्माण और इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है, साथ ही नैतिक और टिकाऊ लग्जरी की बढ़ती मांग को भी पूरा कर रहा है.

कीमत और कलेक्शन

ब्रांड की शुरुआत Talisman पेंडेंट-केंद्रित कलेक्शन से होती है. यह कलेक्शन प्राचीन प्रतीकों से प्रेरित है, जो सुरक्षा, शक्ति और बदलाव का संदेश देते हैं. हर डिजाइन को सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत पहचान और भावनात्मक अर्थ के साथ तैयार किया गया है. यह कलेक्शन रिसाइकल्ड 1418 कैरेट गोल्ड में बना है और IGI-प्रमाणित लैब-ग्रो डायमंड्स से लैस है. यह कलेक्शन 30,000 रुपये की शुरुआती कीमत से उपलब्ध है, जिससे नई पीढ़ी के ग्राहकों के लिए डिजाइनर डायमंड ज्वेलरी पहले से ज्यादा बजट फ्रेंडली बन जाती है.

किस तरह के डायमंड का उपयोग?

DAIMANTE का लैब में Type II-A डायमंड्स तैयार करता है. इन्हें CVD तकनीक से विकसित किया जाता है. इन डायमंड्स की संरचना, चमक और मजबूती प्राकृतिक खदानों से निकले हीरों जैसी होती है, लेकिन इनके निर्माण में पारंपरिक खनन से जुड़ी पर्यावरणीय और नैतिक चुनौतियां शामिल नहीं होतीं. खनन प्रक्रिया से अलग ब्रांड पर्यावरणीय रक्षा करने के साथ-साथ पूरी पारदर्शिता का भी ध्यान रखता है. ब्रांड के CEO और फाउंडर सनी कुमार के अनुसार, AI ऐसे डिजाइन और रूप सामने लाने में मदद करता है, जिन्हें आमतौर पर देख पाना मुश्किल होता है. हालांकि, हर प्रोडक्ट की असली आत्मा कारीगरों के हाथों से ही आती है. उनका मानना है कि डायमंड का भविष्य गहराई से खनन में नहीं, बल्कि स्मार्ट, स्वच्छ और जागरूक लग्जरी की दिशा में है.

क्वालिटी और भरोसा

सभी डायमंड्स रिन्यूएबल एनर्जी से तैयार किए जाते हैं. रिसाइकल्ड गोल्ड और ईको फ्रेंडली पैकेजिंग के साथ हर ज्वेलरी पीस IGI या SGL प्रमाणित है और BIS हॉलमार्किंग के साथ आती है. इसके अलावा ग्राहकों को लाइफटाइम एक्सचेंज और बायबैक गारंटी भी दी जाती है. फिलहाल DAIMANTE डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड के रूप में काम कर रहा है और अपनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बिक्री करता है. जल्द ही पुणे में इसका पहला फिजिकल स्टोर खुलने वाला है, जिसके बाद देश के प्रमुख बाजारों में धीरे-धीरे विस्तार की योजना है.

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