
मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सुकांत मजूमदार और जयंत चौधरी.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को आईआईटी दिल्ली में आयोजित एक एडटेक एआई राउंडटेबल की अध्यक्षता की. इस कार्यक्रम में देश के 10 नए जमाने के एडटेक स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने हिस्सा लिया, जो शिक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नवाचारों पर काम कर रहे हैं. राउंडटेबल में नॉर्थ ईस्टर्न रीजन के शिक्षा एवं विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार और शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी शामिल हुए.
इस उच्चस्तरीय चर्चा में नीति निर्धारक, एकेडमिक लीडर्स और उभरते टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योर्स एक मंच पर एकत्र हुए. बातचीत का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप भारत की शिक्षा प्रणाली को बदलने और मजबूत करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका को कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है.
AI को लेकर शिक्षा मंत्रालय की पहल
यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की कई पहलों का हिस्सा है. मंत्रालय स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है.

राउंडटेबल के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि एआई के जरिए शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ और छात्र-केंद्रित बनाया जा सकता है. चर्चा में पर्सनलाइज्ड लर्निंग, डिजिटल कंटेंट, स्किल-आधारित शिक्षा और डेटा-ड्रिवन फैसलों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया.
पिछड़े और वंचित क्षेत्रों के छात्रों पर फोकस
ये स्टार्टअप्स K-12 लर्निंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अपस्किलिंग, भाषा शिक्षण और स्किल एजुकेशन के लिए AI-फर्स्ट सॉल्यूशंस विकसित कर रहे हैं, जिनका खास फोकस पिछड़े और वंचित क्षेत्रों के छात्रों पर है.
इस चर्चा में शामिल स्टार्टअप्स में अरिविहान, फर्मी एआई, खरे एआई, सीखो, SpeakX, सुपरकलाम, सुपरनोवा, वेदांतु, कॉन्वेजीनियस और विरोहन शामिल रहे. यह राउंडटेबल आने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से पहले आयोजित किया गया है.






