TRP Chart Week 13 (2026): भारतीय टेलीविजन की दुनिया में इस हफ्ते एक बड़ा भूकंप आया है. सालों से टीआरपी चार्ट पर राज करने वाले दिग्गज शो अब घुटनों पर नजर आ रहे हैं. क्या ‘अनुपमा’ और क्या ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’, दर्शकों ने अब पुराने चेहरों को नकारना शुरू कर दिया है. पिछले कुछ महीने से ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) की ताजा रिपोर्ट (सप्ताह 13, 2026) के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’, ‘गंगा मैया की बेटियां’ और ‘वसुधा’ जैसे नए शोज ने प्राइम-टाइम का पूरा गणित ही बदल दिया है.

एक समय था जब टीआरपी की लिस्ट इन शोज के बिना अधूरी मानी जाती थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. आइए देखते हैं किन 5 शोज पर गिरी है गाज.
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1. अनुपमा
रुपाली गांगुली का ये शो जो कभी 3.0 की रेटिंग को पार कर जाता था, अब 1.7 की रेटिंग पर सिमट गया है. सबसे बड़ा झटका ये है कि अब 10 बजे के स्लॉट में अनुपमा ‘नंबर 1’ नहीं रही. दर्शकों का मानना है कि स्टार प्लस का सीरियल का ये ‘सफर’ अब ‘सफरिंग’ बन चुका है. सुधांशु पांडे, गौरव शर्मा और मदालसा शर्मा जैसे मुख्य कलाकारों के जाने के बाद अब इस कहानी में वो बात नहीं रही.
2. तारक मेहता का उल्टा चश्मा
18 सालों से हंसी बांटने वाला जेठालाल का ये शो देख अब ऑडियंस हंसती नहीं बल्कि उदास होती है. इस हफ्ते सोनी सब टीवी का ये शो टॉप 10 से बाहर होकर 12वें स्थान पर जा गिरा है और इसकी रेटिंग महज 1.3 रह गई है. दयाबेन की लंबे समय से गैर-मौजूदगी और शैलेश लोढ़ा व जेनिफर मिस्त्री जैसे पुराने एक्टर्स के विवादों के साथ शो छोड़ने का असर साफ दिख रहा है.
3. ये रिश्ता क्या कहलाता है
अक्षरा की विरासत को आगे बढ़ा रहे चौथी पीढ़ी के अभिरा और अरमान दर्शकों को बांधने में नाकाम हो रहे हैं. 1.5 की रेटिंग के साथ ये शो सातवें स्थान पर संघर्ष कर रहा है. रूही और अभिरा की प्रेग्नेंसी का ड्रामा भी टीआरपी को संजीवनी नहीं दे पा रहा है.
4. उड़ने की आशा
सचिन और सायली की जोड़ी ने शुरुआत में धमाल मचाया था, लेकिन अब ये शो 1.5 की रेटिंग पर आ गिरा है. कहानी में नयापन न होना इसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो रही है.
5. लाफ्टर शेफ्स
भारती सिंह का यह रियलिटी शो सीजन 3 के रिवैम्प के बाद भी दर्शकों को नहीं भा रहा है. सप्ताह 13 में इसकी रेटिंग गिरकर 1.4 हो गई है और ये शो 10वें पायदान पर खड़ा है. दर्शकों को अब स्क्रिप्टेड कॉमेडी और जबरदस्ती के लव एंगल बोरियत दे रहे हैं .
नए शोज का जलवा
जहां पुराने शोज की रेटिंग गिर रही है, तो वहीं 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में आए शोज ने तहलका मचा रखा है,
- क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2
स्मृति ईरानी (तुलसी) और अमर उपाध्याय (मिहिर) की वापसी ने जादू कर दिया है. 2.5 की धमाकेदार ओपनिंग के बाद , अब यह शो 1.8 की रेटिंग के साथ चार्ट पर नंबर 1 बना हुआ है.
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- गंगा मैया की बेटियां
वाराणसी की कहानी पर आधारित रवि दुबे और सरगुन मेहता के इस शो ने अपनी इमोशनल कहानी से सबको पछाड़ दिया है. 1.8 की रेटिंग के साथ ये दूसरे स्थान पर बने हुए है.
- वसुधा
ज़ी टीवी के इस शो ने वो कर दिखाया जो नामुमकिन माना जाता था. 1.7 की रेटिंग के साथ ‘वसुधा’ ने 10 बजे के स्लॉट में ‘अनुपमा’ को पछाड़कर स्लॉट लीडरशिप हासिल कर ली है.
दर्शकों की बेरुखी की असली वजह क्या है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईपीएल 2026 का प्रभाव तो एक वजह है ही , लेकिन मुख्य कारण ‘नयेपन का अभाव’ है. अनुपमा में बार-बार वही बेइज्जती का ट्रैक और तारक मेहता में पुरानी कास्ट का गायब होना दर्शकों को नए विकल्पों की ओर ले गया है. दूसरी तरफ, ‘क्योंकि सास 2’ ने पुरानी यादों को नए अंदाज में पेश किया, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया.
कुल मिलाकर, टेलीविजन की दुनिया अब बदल रही है. दर्शक अब केवल बड़े नामों या पुराने ब्रांड्स पर भरोसा नहीं कर रहे, उन्हें ठोस कहानी और फ्रेश कंटेंट चाहिए. अगर ‘अनुपमा’ और ‘तारक मेहता’ ने समय रहते खुद को नहीं बदला, तो आने वाले हफ्तों में उनका सफर टीआरपी चार्ट से पूरी तरह खत्म हो सकता है.





