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दुनिया के सबसे पॉवरफुल 20 देशों में खलबली! मूडीज का अनुमान, भारत बनेगा ग्लोबल इकोनॉमी का ‘बाहुबली’

दुनिया के सबसे पॉवरफुल 20 देशों में खलबली! मूडीज का अनुमान, भारत बनेगा ग्लोबल इकोनॉमी का ‘बाहुबली’
दुनिया के सबसे पॉवरफुल 20 देशों में खलबली! मूडीज का अनुमान, भारत बनेगा ग्लोबल इकोनॉमी का 'बाहुबली'

India Growth ForecastImage Credit source: AI

ग्लोबल इकोनॉमी में भारत मौजूदा समय का सबसे चमकता हुआ सितारा है. ये बात सिर्फ भारत में ही नहीं कही जा रही है. बल्कि दुनिया की बाकी एजेंसीज भी इस बात पर अपी मुहर लगा रही है. मूडीज की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत अगले वित्त वर्ष 2027 में देश की जीडीपी जी20 देशों के मुकाबले में सबसे ज्यादा रह सकती है. जी20 दुनिया के सबसे पॉवरफुल ग्रुप्स में से एक हैं. जिसमें चीन, अमेरिका और यूरोपीय यनियन भी शामिल हैं. इस ग्रुप में शामिल देशों की ग्लोबल जीडीपी में 85 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी है. अगर ये अनुमान सही निलकता है, तो भारत अगले कुछ सालों में दुनिया की टॉप 3 सबसे बड़ी इकोनॉमीज में शामिल हो सकता है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मूडीज ने भारत की ग्रोथ को लेकर ऐसा कौन सा अनुमान लगाया है, जिससे दुनिया के बड़े बड़े दग्गिज देश हिल गए हैं.

मूडीज का अनुमान

रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर आगामी वित्त वर्ष में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह घरेलू खपत में मजबूती, नीतिगत उपायों और स्थिर बैंकिंग प्रणाली के दम पर जी-20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ेगी. मूडीज ने अपने बैंकिंग सिस्टम आउटलुक रिपोर्ट में कहा कि असेट क्वालिटी मजबूत बनी रहेगी. हालांकि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) में कुछ दबाव देखने को मिल सकता है. इसके बावजूद, बैंकों के पास लोन नुकसान को झेलने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मजबूत व्यापक आर्थिक परिस्थितियों और संरचनात्मक सुधारों के समर्थन से 2026 में बैंकों के लिए परिचालन माहौल मजबूत बना रहेगा.

मूडीज ने क्या कहा

मूडीज ने कहा कि हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी दर 6.4 प्रतिशत रहेगी जो मजबूत घरेलू खपत एवं नीतिगत उपायों के कारण जी-20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज होगी. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सितंबर 2025 में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का रिफॉर्म और इससे पहले पर्सनल इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाए जाने से उपभोक्ताओं की वहन क्षमता सुधरेगी एवं खपत आधारित वृद्धि को समर्थन मिलेगा. वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मूडीज का यह अनुमान वित्त मंत्रालय की आर्थिक समीक्षा में जताई गई 6.8-7.2 प्रतिशत की सीमा से कम है. आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारत की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना है जो 2024-25 में दर्ज 6.5 प्रतिशत से अधिक है.

बैंकिंग सिस्टम में दम

मूडीज ने कहा कि ​​महंगाई कंट्रोल में रहने और वृद्धि की गति मजबूत बने रहने से वह उम्मीद करता है कि भारतीय रिजर्व बैंक 2026-27 में मौद्रिक नीति में और ढील तभी देगा, जब आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेत मिलेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2025 में अपनी नीतिगत दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत कर दिया है. मूडीज के अनुसार, समूचे बैंकिंग सिस्टम में लोन ग्रोथ वित्त वर्ष 2026-27 में मामूली बढ़कर 11-13 प्रतिशत रह सकती है जो वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 10.6 प्रतिशत रही है.

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