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शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले हो जाएं खुश, ट्रंप चाहे जो करें, भारत में होगी कमाई, जानिए वजह

शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले हो जाएं खुश, ट्रंप चाहे जो करें, भारत में होगी कमाई, जानिए वजह
शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले हो जाएं खुश, ट्रंप चाहे जो करें, भारत में होगी कमाई, जानिए वजह

डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी वैश्विक राजनीति और दुनिया भर में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच शेयर बाजार की दिशा को लेकर निवेशकों के मन में कई सवाल हैं। लेकिन बाजार के दिग्गज एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन तमाम बाहरी घटनाओं के बावजूद भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत बनी हुई है और लंबे समय में निवेशकों को इसका फायदा मिलेगा।

मुंबई में आयोजित एक इनवेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस में देश के बड़े फंड मैनेजर्स और मार्केट एक्सपर्ट्स ने साफ कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर हो चुकी है और किसी एक विदेशी नीति या नेता के फैसलों से इसकी दिशा नहीं बदलने वाली।

2026 में दिखेगी बाजार की असली तेजी

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक साल 2025 बाजार के लिए कंसोलिडेशन यानी ठहराव का साल रहा है, जो किसी भी लंबी तेजी से पहले सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है। उनका कहना है कि 2026 निवेशकों के लिए ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है।

एक्सपर्ट्स ने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए बताया कि जब भी अनिश्चितता चरम पर होती है, तब बाजार में डर ज्यादा दिखता है। उस दौर में भी महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों ने चिंता बढ़ाई थी, लेकिन हालात सुधरते ही बाजार ने मजबूत वापसी की। मौजूदा उतार-चढ़ाव को भी शॉर्ट टर्म बताया जा रहा है।

भारत की आर्थिक नींव क्यों है मजबूत

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक साल में सरकार और आरबीआई के कदमों ने अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा दिया है। लिक्विडिटी बढ़ाने, ब्याज दरों को संतुलित रखने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने पर लगातार काम हुआ है।

इसके साथ ही सरकार का जोर इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर है। अब प्राइवेट सेक्टर भी नए निवेश और क्षमता विस्तार की ओर बढ़ रहा है। यह संकेत देता है कि घरेलू मांग और विकास की रफ्तार बनी रहेगी, चाहे वैश्विक माहौल कितना भी अस्थिर क्यों न हो।

निवेश से पहले सावधानी भी जरूरी

हालांकि एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है। उनका कहना है कि बाजार फिलहाल सस्ता नहीं है। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर अभी भी अपनी असल वैल्यू से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। ऐसे में इनमें हल्का करेक्शन देखने को मिल सकता है।

आईपीओ बाजार में आई सुस्ती यह भी दिखाती है कि निवेशक अब सिर्फ तेजी नहीं, बल्कि वैल्यूएशन को लेकर भी सजग हो रहे हैं। इसके बावजूद, लंबी अवधि में भारतीय बाजार का रिटर्न ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत रहा है।

भारत को क्यों मिलता है प्रीमियम वैल्यूएशन

विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय शेयर बाजार को दुनिया के अन्य बाजारों की तुलना में ज्यादा भाव मिलने की एक बड़ी वजह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत संपत्ति अधिकार हैं। यही कारण है कि वैश्विक निवेशक भारत को लेकर भरोसा दिखाते हैं।

मार्केट जानकारों का मानना है कि निवेशक भारतीय बाजार से सालाना 10–12 फीसदी का रिटर्न उम्मीद कर सकते हैं, जो लंबी अवधि के लिहाज से बेहद संतोषजनक माना जाता है।