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फडणवीस-शिंदे को झूठे मामले में फंसाने की थी प्लानिंग… महाराष्ट्र के पूर्व DGP पर बड़ा खुलासा

फडणवीस-शिंदे को झूठे मामले में फंसाने की थी प्लानिंग… महाराष्ट्र के पूर्व DGP पर बड़ा खुलासा
फडणवीस-शिंदे को झूठे मामले में फंसाने की थी प्लानिंग... महाराष्ट्र के पूर्व DGP पर बड़ा खुलासा

एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस.

महाराष्ट्र की पूर्व DGP रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट ने सनसनी मचा दी है. इसमें दावा किया गया है कि तत्कालीन डीजीपी संजय पांडे ने महाविकास आघाडी सरकार के दबाव में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की थी. SIT जांच में यह बात सामने आई है. एसआईटी की रिपोर्ट में संजय पांडे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई है.

महाराष्ट्र की पूर्व डीजीपी रश्मि शुक्ला ने गृह विभाग को एक खुफिया रिपोर्ट दी है. जिसमें लिखा गया है कि जब संजय पांडे महाराष्ट्र पुलिस के डीजीपी थे, तब उन्होंने उस समय की सरकार के कहने पर देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को बिल्डरों से पैसे उगाई के झूठे मामले में फसाने को कहा था और जेल में डालने को कहा था.

रिपोर्ट में पूर्व डीजीपी संजय पांडे पर कानूनी कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है. रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही कई तरह के बयान भी आ रहे हैं. अब मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने संजय पांडे के नार्को जांच की मांग की है.

CM फडणवीस को फंसाने का बनाया दबाव

सूत्रों के अनुसार विशेष जांच दल (SIT) की जांच में सामने आया है कि साल 2016 में ठाणे नगर पुलिस थाने में दर्ज एक मामले की दोबारा जांच के आदेश देकर तत्कालीन पुलिस महानिदेशक संजय पांडे ने देवेंद्र फडणवीस को फंसाने के लिए दबाव बनाया था.

रिटायर होने से पहले सौंपी रिपोर्ट

यह रिपोर्ट राज्य की पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मी शुक्ला ने अपनी सेवानिवृत्ति से ठीक पांच दिन पहले गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपी थी. रिपोर्ट में संजय पांडे के साथ-साथ तत्कालीन उपायुक्त लक्ष्मीकांत पाटील और सहायक निरीक्षक सरदार पाटील की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं.

देवेंद्र फडणवीस पर केस दर्ज करने की कोशिश

जांच में यह भी सामने आया है कि आदेश के तहत कथित बोगस अर्बन लैंड सीलिंग सर्टिफिकेट घोटाले में मीरा-भायंदर महानगरपालिका आयुक्त, ठाणे जिलाधिकारी और नगर विकास मंत्री की भूमिका की जांच की गई थी. लेकिन, इसमें कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया. इसके बावजूद लक्ष्मीकांत पाटील के कहने पर देवेंद्र फडणवीस की संलिप्तता की जांच किए जाने की बात स्वीकार की गई है.

वहीं, साल 2024 में दर्ज एक जबरन वसूली मामले में दिए गए बयान के दौरान सहायक अधिकारी सरदार पाटील ने भी फडणवीस को फंसाने की साजिश की बात कबूल की है. रिपोर्ट में संजय पांडे और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है.

इस पूरे प्रकरण को महाविकास आघाडी सरकार के कार्यकाल से जोड़कर भी देखा जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है.

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