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शर्म का जवाब शर्म अल-शेख से, 17 साल पहले क्या हुआ था जिसको लेकर निर्मला ने राहुल गांधी को घेरा

शर्म का जवाब शर्म अल-शेख से, 17 साल पहले क्या हुआ था जिसको लेकर निर्मला ने राहुल गांधी को घेरा
शर्म का जवाब शर्म अल-शेख से, 17 साल पहले क्या हुआ था जिसको लेकर निर्मला ने राहुल गांधी को घेरा

निर्मला सीतारमण और राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में अमेरिका से ट्रेड डील पर सरकार को घेरा. राहुल ने कहा कि आपने देश को बेच दिया. क्या आपको ऐसा करने में शर्म नहीं आती. आपने भारत माता को बेच दिया. आपको कोई शर्म नहीं है. राहुल के इस हमले का जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया. उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी को शर्म-अल-शेख जॉइंट स्टेटमेंट की याद दिलाई. वित्त मंत्री ने कहा कि वो यूपीए की सरकार थी जिसने देश को बेचा.

उन्होंने कहा, यह कांग्रेस ही है जिसने सरकार, किसानों, गरीबों और देश को बेचा. यह आप ही थे जिन्होंने भारत को पाकिस्तान से जोड़ा. किरेन रिजिजू ने सही कहा कि आज तक एक भी ऐसा व्यक्ति पैदा नहीं हुआ जो भारत को बेच सके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा कभी नहीं करेंगे.

वित्त मंत्री ने यूपीए सरकार को घेरा

शर्म अल-शेख जॉइंट स्टेटमेंट का जिक्र करते हुए, वित्त मंत्री ने UPA सरकार पर पाकिस्तान के साथ बातचीत में सिक्योरिटी पर भारत की स्थिति को कमज़ोर करने का आरोप लगाया. सीतारमण ने कहा, जो लोग शर्म-अल-शेख में पाकिस्तान के साथ बातचीत किए थे, वे अब हमें सुझाव दे रहे हैं.

क्या हुआ था 2009 में?

2009 का शर्म अल-शेख समझौता उस समय के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री सैयद यूसुफ रजा गिलानी के बीच हुआ था. मुंबई में 26/11 हमले के सात महीने बाद इजिप्ट के शर्म-अल-शेख में हुई इस मीटिंग में मनमोहन ने मुंबई हमलों के गुनहगारों को सज़ा दिलाने की ज़रूरत दोहराई थी.

दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद दोनों देशों के लिए मुख्य खतरा है. दोनों नेताओं ने आतंकवाद से लड़ने और इस मकसद के लिए एक-दूसरे का साथ देने का अपना इरादा दोहराया. प्रधानमंत्री सिंह ने मुंबई हमलों के गुनहगारों को सज़ा दिलाने की ज़रूरत दोहराई. प्रधानमंत्री गिलानी ने भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान इस मामले में अपनी पूरी ताकत लगाएगा.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने मुंबई हमलों की जांच पर एक अपडेटेड स्टेटस डॉज़ियर दिया है और और जानकारी/सबूत मांगे हैं. प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि डॉज़ियर का रिव्यू किया जा रहा है. दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देश भविष्य में किसी भी आतंकवादी खतरे के बारे में रियल टाइम, भरोसेमंद और एक्शन लेने लायक जानकारी शेयर करेंगे. प्रधानमंत्री गिलानी ने बताया कि पाकिस्तान के पास बलूचिस्तान और दूसरे इलाकों में खतरों के बारे में कुछ जानकारी है.इसके बाद पाकिस्तान लौटकर गिलानी ने इसका इस्तेमाल भारत पर निशाना साधने के लिए किया.

जयशंकर भी कर चुके हैं जिक्र

गिलानी के बयान का जिक्र विदेश एस जयशंकर भी कर चुके हैं. जयशंकर ने कुछ दिन पहले कहा था कि शर्म अल-शेख में उस समय की सरकार और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इस बात पर सहमत हुए थे कि आतंकवाद दोनों देशों के लिए मुख्य खतरा है. पाकिस्तान शुरुआत से ही भारत में आतंकवाद एक्सपोर्ट कर रहा है और उसने आरोप लगाया कि भारत ने बलूच विद्रोहियों का समर्थन किया. शर्म अल-शेख में सिंह और गिलानी के जारी जॉइंट स्टेटमेंट का इस्तेमाल पाकिस्तान ने यह दावा करने के लिए किया कि भारत ने बलूचिस्तान में अपनी भूमिका मान ली है.

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