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TET: सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस राज्य में लागू, टीईटी पास शिक्षकों को ही मिलेगा प्रमोशन, टीचर्स में हड़कंप

TET: सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस राज्य में लागू, टीईटी पास शिक्षकों को ही मिलेगा प्रमोशन, टीचर्स में हड़कंप
TET: सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस राज्य में लागू, टीईटी पास शिक्षकों को ही मिलेगा प्रमोशन, टीचर्स में हड़कंप

TET पास शिक्षकों को ही मिलेगा प्रमाेशन Image Credit source: Getty image

TET: सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 के एक फैसले में सभी शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) को अनिवार्य कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि बिना TET पास शिक्षकों को प्रमोशन नहीं मिलेगा. तो वहीं ऐसे शिक्षकों की नौकरी पर भी संकट बना है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का असर देशभर के 12 लाख से अधिक शिक्षकों पर पड़ रहा है. ऐसे में केंद्र-राज्य सरकारों समेत शिक्षक संगठन प्रभावित शिक्षकों को राहत देने के लिए एक्टिव हैं. इसको लेकर यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका दायर की है तो वहीं शिक्षक संगठन ने बीते दिनों केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से प्रभावित शिक्षकों की जानकारी तलब की है. इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला लागू कर दिया है, जिसके तहत राज्य में बिना TET पास किए हुए पढ़ा रहे शिक्षकों को प्रमाेशन नहीं दिया जाएगा.

आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है? जानेंगे कि महाराष्ट्र सरकार ने इस संबंध में क्या आदेश जारी किया है? इसको लेकर राज्य के शिक्षक संगठनों का क्या कहना है.

इन पदों के लिए TET जरूरी

महाराष्ट्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने TGT, प्राचार्य, ग्रुप रिर्सोस कॉर्डिनेटर (केंद्र प्रमुख) एक्सटेंशन अधिकारी (शिक्षा) जैसे पदों के लिए TET अनिवार्य कर दिया है. इस संबंध में राज्य परीक्षा परिषद ने आदेश भी जारी कर दिया है. इसके बाद शिक्षा विभाग ने इन पदों पर प्रमोशन के लिए राज्य सरकार से दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है.

नवंबर 2027 तक शिक्षकों को पास करना होगा TET

महाराष्ट्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के प्रमाेशन को लेकर बीते दिनों आदेश जारी किया है. इस आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रमोशन के इच्छुक शिक्षकों को TET पास करना होगा. इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को दो साल का समय दिया है, जिसकी समय सीमा नवंबर 2027 में खत्म हो रही है. यानी की प्रमोशन चाहने वाले राज्य के शिक्षकों को इस अवधि तक टीईईटी पास करना होगा. ये फैसला उन शिक्षकों पर भी लागू होगा, जो रिटायरमेंट के नजदीक भी है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ऐसे शिक्षकों को TET से राहत दी है, जिनका सेवाकाल 5 साल से कम बचा हुआ है.

शिक्षक संगठनों ने जताया ऐतराज

महाराष्ट्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के इस फैसले पर राज्य के शिक्षक संगठनों ने ऐतराज जताया है. शिक्षक संघ ने कहा है कि वरिष्ठता की अनदेखी कर TET को प्रमोशन की पात्रता बनना शिक्षकों का अन्याय है.

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