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Surya Grahan 2026: आखिर क्यों लगता है सूर्य को ग्रहण? जानें इसकी पौराणिक कहानी

Surya Grahan 2026: आखिर क्यों लगता है सूर्य को ग्रहण? जानें इसकी पौराणिक कहानी
Surya Grahan 2026: आखिर क्यों लगता है सूर्य को ग्रहण? जानें इसकी पौराणिक कहानी

सूर्य ग्रहण 2026Image Credit source: Unplash

Surya Grahan 2026: फाल्गुन अमावस्या पर यानी कल साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. ये सूर्य ग्रहण शनि देव की राशि कुंभ और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है. ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे विज्ञान की भाषा में रिंग ऑफ फायर कहा जाता है. इस सूर्य ग्रहण पर चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाएगा. सूर्य का बाहरी किनारा अग्नि के चमकते छल्ले जैसा दिखेगा.

भारतीय समय के अनुसार, सूर्य को ग्रहण कल दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर लगेगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर खत्म होगा. ये सूर्य ग्रहण कुल 04 घंटे 32 मिनट तक रहेगा. ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा और न ही इसका सूतक काल माना जाएगा. सूर्य ग्रहण सिर्फ एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि इसे हिंदू धर्म में भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. सूर्य ग्रहण की एक धार्मिक कहानी है. आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण की कहानी.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार…

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण का मुख्य संबंध राहु से माना जाता है. सूर्य ग्रहण की कथा समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है. इस कथा के अनुसार, समुद्र मंथन से अमृत निकलने के बाद जब देवताओं और असुरों में इसे पीने को लेकर विवाद हुआ तो भगवान विष्णु मोहिनी रूप में आए और उन्होंने अमृत वितरण का काम किया, लेकिन उन्होंने एक चाल चली और असुरों को धोखा देने लगे.

इसी बीच असुरों के बीच में एक असुर जिसका नाम स्वरभानु था, उसे पता चल गया कि असुरों के साथ धोखा किया जा रहा है. फिर उसने देवताओं का वेश धारण कर उनके बीच में बैठकर अमृत का पान कर लिया. सूर्य और चंद्रमा ने उसकी पहचान कर ली और भगवान विष्णु को इसकी जानकारी दे दी. उसी क्षण भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उस असुर का सिर काट दिया.

स्वरभानु का सिर वाला भाग बना राहु

स्वरभानु ने अमृत पी लिया था, इसलिए वो मरा नहीं. उसका सिर वाला भाग राहु कहलाया और धड़ वाला हिस्सा केतु बना. मान्यता है कि राहु समय-समय पर सूर्य को निगलने का प्रयास करता है, इसलिए सूर्य को ग्रहण लगता है, लेकिन राहु का केवल सिर है. इसलिए सूर्य कुछ समय बाद बाहर आ जाता है और ग्रहण समाप्त हो जाता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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