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Sleeping During Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण के समय सोना क्यों माना जाता है अशुभ, अगर सो गए तो क्या होगा?

Sleeping During Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण के समय सोना क्यों माना जाता है अशुभ, अगर सो गए तो क्या होगा?
Sleeping During Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण के समय सोना क्यों माना जाता है अशुभ, अगर सो गए तो क्या होगा?

सूर्य ग्रहण 2026

Solar Eclipse 2026: हमारे शास्त्रो में सूर्य ग्रहण के समय को बहुत अहम माना गया है. इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के दौरान सोना सही नहीं माना जाता क्योंकि इसे आलस्य और अशुद्धि से जोड़कर देखा जाता है. धार्मिक मान्यताओं की मानें तो जब सूर्य पर ग्रहण लगता है, तो संसार की अच्छी ऊर्जा कम हो जाती है और नकारात्मक शक्तियों का असर बढ़ जाता है. सोते समय हमारा शरीर और मन पूरी तरह सचेत नहीं रहता, जिससे इस नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हमारे ऊपर अधिक होने की आशंका रहती है. यही कारण है कि इस समय जागकर ईश्वर का ध्यान करने की सलाह दी जाती है. जागते रहने से व्यक्ति मानसिक रूप से अधिक सतर्क और सुरक्षित रहता है.

शास्त्रों में बताया गया है कि जो व्यक्ति ग्रहण के समय बिना किसी जरूरी कारण के सोता है, उसकी मानसिक और शारीरिक शक्ति कम होने की आशंका रहती है. माना जाता है कि ग्रहण के दौरान सोने से मन में भारीपन और आलस्य बढ़ता है, जिससे आगे चलकर सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां पैदा हो सकती हैं. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य हमारे आत्मविश्वास और सेहत का स्वामी है. जब सूर्य पर ग्रहण लगा हो और हम सो रहे हों, तो हमारे भाग्य और ऊर्जा पर इसका नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता. इसलिए, इस समय को सोने के बजाय मंत्रों के जप और शांत मन से प्रभु का नाम लेने में बिताना चाहिए.

गर्भवती महिलाओं और स्वास्थ्य पर ग्रहण का असर

विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण के समय सोना वर्जित माना जाता है. ऐसी पुरानी मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में मौजूद हानिकारक किरणें होने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के समय सोने से शरीर की प्राकृतिक घड़ी और पाचन तंत्र बिगड़ने की आशंका रहती है. इस समय को जागकर गुजारने से शरीर की ताकत बनी रहती है और मन भी शाांत रहता है. हालांकि, शास्त्रों ने बहुत छोटे बच्चों, बीमार लोगों और बुजुर्गों को इन नियमों में थोड़ी राहत दी है, क्योंकि उनके लिए सेहत का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है. नियम पालन से मन में सकारात्मक विचारों का संचार होता है.

मंत्र जप और प्रार्थना के माध्यम से आत्मिक उन्नति

ग्रहण का समय केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि अपनी आत्मिक शक्ति बढ़ाने के लिए भी होता है. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के दौरान जागकर किया गया भगवान का नाम या मंत्र जप सामान्य दिनों के मुकाबले कहीं ज्यादा फल देता है. यदि आप सो जाते हैं, तो आप इस बहुत शक्तिशाली समय का लाभ उठाने से चूक जाते हैं. जागते रहने से मन सतर्क रहता है और भगवान का नाम लेने से आपके आसपास एक सुरक्षा घेरा बना रहता है. यह अभ्यास मन में शांति का संचालन बनाए रखता है और जीवन की मुश्किलों को दूर करने की संभावना को बहुत बढ़ा देता है. सकारात्मक ऊर्जा पाने के लिए यह समय सबसे उपयोगी माना गया है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी मान्यताओं और शास्त्रों पर आधारित है. TV9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए astropatri.comपर संपर्क करें.

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