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Siddha Yoga in Astrology: हर काम में सफलता दिलाने वाले योग कौन-से हैं, ज्योतिष में क्यों कहलाते हैं अति शुभ?

Siddha Yoga in Astrology: हर काम में सफलता दिलाने वाले योग कौन-से हैं, ज्योतिष में क्यों कहलाते हैं अति शुभ?
Siddha Yoga in Astrology: हर काम में सफलता दिलाने वाले योग कौन-से हैं, ज्योतिष में क्यों कहलाते हैं अति शुभ?

सफलता के लिए सिद्ध योगImage Credit source: AI

Astrology Tips: हम अक्सर देखते हैं कि कुछ लोग बहुत मेहनत करते हैं, फिर भी काम अटक जाते हैं. वहीं कुछ लोग सही समय पर शुरुआत करके बड़ी सफलता हासिल कर लेते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे शुभ योग का हाथ होता है. हिंदू ज्योतिष में कुछ ऐसे नक्षत्र और वार के मेल बताए गए हैं, जिनमें शुरू किया गया काम कभी असफल नहीं होता. आइए जानते हैं उन शक्तिशाली योगों के बारे में जिन्हें ज्योतिष में अति शुभ माना गया है.

सर्वार्थ सिद्धि योग

जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है सर्वार्थ सिद्धि यानी वह समय जो आपके सभी उद्देश्यो को सिद्ध कर दे. यह योग तब बनता है जब किसी विशेष दिन पर एक निश्चित नक्षत्र का मिलन होता है. मान्यता है कि इस योग में किया गया कोई भी शुभ कार्य बाधा रहित संपन्न होता है.

इन कामों के लिए है बेस्ट: अगर आप नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, नई नौकरी जॉइन कर रहे हैं या फिर जमीन-मकान और गाड़ी खरीदने का प्लान है, तो यह योग सबसे उत्तम है. विदेश यात्रा के निर्णय के लिए भी इसे बहुत शुभ माना जाता है.

पुष्य नक्षत्र

पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. यह नक्षत्र पोषण, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है. पुराणों के अनुसार, धन की देवी माता लक्ष्मी का प्राकट्य (जन्म) इसी नक्षत्र में हुआ था. यही कारण है कि इस दौरान की गई खरीदारी लंबे समय तक शुभ फल देती है.

इन कामों के लिए है शुभ : इस दिन सोना, चांदी या कीमती वस्तुएं खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. इस नक्षत्र में शुरू किए गए काम में कभी बरकत खत्म नहीं होती.

रवि पुष्य योग

जब नक्षत्रों का राजा पुष्य और ग्रहों के राजा सूर्य का दिन यानी रविवार एक साथ मिलते हैं, तो रवि पुष्य योग बनता है.ज्योतिष में इसे अक्षय तृतीया या धनतेरस के समान ही फलदायी माना गया है.

क्यों है सबसे शक्तिशाली: इसमें सूर्य की तेजस्विता और पुष्य नक्षत्र की स्थिरता का अद्भुत संगम होता है.

फायदा: यदि आप प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहते हैं, शेयर बाजार में पैसा लगाना चाहते हैं या कोई बड़ा आर्थिक लेनदेन करना चाहते हैं, तो रवि पुष्य योग से बेहतर कोई समय नहीं है.

ज्योतिष में इन्हें क्यों माना जाता है अति शुभ?

इन योगों को अति शुभ इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा और कुंडली के छोटे-मोटे दोषों को कम करने की शक्ति रखते हैं. ज्योतिषियों का मानना है कि इन मुहूर्तों में ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है जो मानवीय प्रयासों को ब्रह्मांडीय आशीर्वाद दिलाती है, जिससे सफलता की मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई ज्योतिष शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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