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Shiv Ji lives In Crematorium: जिसे दुनिया मानती है अशुभ, वहां क्यों बसते हैं शिव?

Shiv Ji lives In Crematorium: जिसे दुनिया मानती है अशुभ, वहां क्यों बसते हैं शिव?
Shiv Ji lives In Crematorium: जिसे दुनिया मानती है अशुभ, वहां क्यों बसते हैं शिव?

शिव जी श्मशान में क्यों निवास करते हैंImage Credit source: AI ChatGpt

Shiv Ji lives In Crematorium: भगवान शिव को हिंदू धर्म में सहांरक देवता के रूप में जाना जाता है, लेकिन शिव जी बड़े ही दयालु हैं. वो मात्र जल चढ़ाने भर से प्रसन्न हो जाते हैं. शिव पुराण में उनके बारे में विस्तार से बताया गया है. शिव पुराण के अनुसार, शिव जी गृहस्थ जीवन का पालन करते हैं. उनके परिवार में माता पार्वती, कार्तिकेय भगवान, गणेश जी, अशोक सुंदरी और नंदी महाराज समेत सभी गण हैं.

शिव जी अपने परिवार के साथ कैलाश पर्वत पर निवास करते हैं. यही कारण है कि उनको कैलाशपति भी कहा जाता है. वही शिव जी श्मशान में एकांतवास करते हैं. इस तरह वो श्मशान के देवता भी कहे जाते हैं, लेकिन गृहस्थ होकर भी भोलेनाथ श्मशान में वास क्यों करते हैं? आइए इसके पीछे का रहस्य जानते हैं.

शिव जी सांसारिक, लेकिन फिर श्मशान में वास

शिव जी सांसारिक हैं और उनके साथ उनके परिवार की भी पूजा की जाती है, लेकिन फिर भी महादेव श्मशान में वास करते हैं. दरअसल, गृहस्थ जीवन को मोह-माया का प्रतीक माना जाता है और श्मशान वैराग्य का प्रतीक बताया जाता है. श्मशान ही जीवन का अंतिम पड़ाव माना जाता है. भगवान शिव के श्मशान में वास करने की वजह में हर प्राणी के जीवन प्रबंधन का अंतिम पड़ाव छिपा है.

श्मशान में छिपा है जीवन का मंत्र

भगवान शिव गृहस्थ होते हुए भी श्मशान में रहकर ये संदेश देते हैं कि कि व्यक्ति को संसार में रहकर अपने कर्तव्य पूरे करने चाहिए, लेकिन मोह-माया से बिल्कुल नहीं बंधना चाहिए. शिव जी का श्मशान में रहने वाला रूप बताता है कि जीवन में सबकुछ करें, लेकिन मन और आत्मा से वैराग को धारण किए रहें. शिव जी के श्मशान में रहने के पीछे धार्मिक मान्यता ये है कि वो संहारक हैं और श्मशान में ही जीवन का अंत होता है.

श्मशान ही वो स्थान माना जाता है, जहां सबकुछ भस्म हो जाता है. मानव शरीर के साथ उसके सभी रिश्ते और मोह-माया के बंधन खत्म हो जाते हैं. शिव जी श्मशान में ही रहते हैं. ऐसे में माना जाता है कि प्राणियों की मौत के बाद उनकी आत्मा शिव जी में ही समा जाती है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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