
संपदा सराफImage Credit source: सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा परीक्षा एमपीसीएस 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू हो चुकी है. हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा इस परीक्षा के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर समाज और राज्य की सेवा करना चाहते हैं, लेकिन इस कठिन परीक्षा में सफलता उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलती है, जो सही रणनीति, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करते हैं. ऐसे में एमपीसीएस 2023 की टॉपर और रैंक-1 हासिल करने वाली संपदा सराफ की तैयारी की रणनीति आज के उम्मीदवारों के लिए बेहद प्रेरणादायक और मार्गदर्शक साबित हो सकती है.
प्रशासनिक सेवा का चयन और तैयारी की ठोस रणनीति
संपदा सराफ ने प्रशासनिक सेवाओं को अपना लक्ष्य इसलिए बनाया क्योंकि वो समाज के बड़े वर्ग के लिए काम करना चाहती थीं, उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि स्कूल के दिनों में मां के साथ समाज से जुड़े मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं ने उन्हें सिविल सेवा की ओर प्रेरित किया. उनका मानना है कि प्रशासनिक सेवा के जरिए जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है.
उनका कहना है कि जल्दी शुरुआत करना फायदेमंद हो सकता है, सही दिशा में कम से कम 8 से 10 महीने की गंभीर तैयारी बेहद जरूरी होती है. प्रीलिम्स परीक्षा में उन्होंने समय प्रबंधन को सबसे अहम माना और नियमित रूप से मॉक टेस्ट दिए. सामान्य अध्ययन के लिए एनसीईआरटी बुक्स और मानक किताबों को बार-बार पढ़ा. इसके साथ ही पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों की प्रैक्टिस की, जिससे परीक्षा पैटर्न को बेहतर तरीके से समझ सकें.
मेंस, निबंध और इंटरव्यू में सफलता का मंत्र
मेंस परीक्षा के लिए संपदा ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदली, उन्होंने आंसर राइटिंग पर विशेष ध्यान दिया और नियमित अभ्यास किया. निबंध पेपर हिंदी माध्यम में होने के कारण उन्होंने विभिन्न स्रोतों से अच्छे उद्धरण एकत्र किए और हर विषय को सामाजिक, प्रशासनिक, नैतिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया. इंटरव्यू यानी व्यक्तित्व परीक्षण के लिए संपदा का कहना है कि व्यक्तित्व कुछ दिनों में नहीं बनता, लेकिन सही मार्गदर्शन से उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है.
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