
रोहित शेट्टी फायरिंग केस
Rohit Shetty House Firing Case: डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर में हुई फायरिंग मामले में लगातार कई बड़े खुलासे किए जा रहे हैं. हाल ही में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को इस मामले में एक बड़ी कामयाबी मिली. जहां अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बीते दिनों इस केस में हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर से 6 नए आरोपियों को दबोचा गया. जिसमें मेन शूटर दीपक भी शामिल था. इस वारदात के बाद से ही वो फरार चल रहा था, लेकिन पुलिस की तेज जांच के बावजूद आरोपी इतने दिनों तक कैसे पुलिस से बचता रहा? इसे लेकर एक बहुत बड़ी जानकारी सामने आ रही है, जानिए क्या कुछ?
हाल ही में पता चला था कि मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने हरियाणा की एसटीएफ के साथ एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन किया था. साथ ही इस दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी और पूरी साजिश का पर्दाफाश किया गया था. अब नई जानकारी से पता लगा कि सोशल मीडिया पर पुलिस की हलचल देख आरोपी लोकेशन बदल रहे थे.
पुलिस से कैसे बचते रहे आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जांच में सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है. फरारी के दौरान आरोपी पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे. और उसी के आधार पर अपनी लोकेशन बदल रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने तकनीकी सर्विलांस से बचने के साथ-साथ पुलिस की जांच की दिशा भांपने के लिए मॉर्डन डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लिया. वो लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहते थे. जैसे ही किसी चैनल पर उनकी तलाश या पुलिस टीम के किसी शहर में पहुंचने की खबर चलती. वो तुरंत सतर्क हो जाते और ठिकाना बदल देते थे.
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दरअसल इसी चूहे-बिल्ली के खेल की वजह से पुलिस को उन्हें पकड़ने के लिए हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश तक जाना पड़ा. साथ ही पता लगा कि आरोपियों ने न केवल बार-बार ठिकाने बदले, बल्कि डिजिटल फुटप्रिंट मिटाने की भी कोशिश की. हालांकि टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन के आगे उनकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी. गिरफ्तारी के समय भी ये आरोपी मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया पर एक्टिव थे.






