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Puja Rules at home: क्या आपकी पूजा की थाली अधूरी है? जानें कौन-कौन सी चीजें होती हैं जरूरी

Puja Rules at home: क्या आपकी पूजा की थाली अधूरी है? जानें कौन-कौन सी चीजें होती हैं जरूरी
Puja Rules at home: क्या आपकी पूजा की थाली अधूरी है? जानें कौन-कौन सी चीजें होती हैं जरूरी

पूजा के नियमImage Credit source: unsplash

Hindu Worship Items: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना जाता है. किसी भी देवी-देवता की पूजा करने से पहले पूजा की थाली तैयार की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर पूजा की थाली सही तरीके से सजी हो और उसमें सभी जरूरी सामग्री मौजूद हो, तो पूजा का फल अधिक मिलता है. कई लोग जल्दबाजी या जानकारी की कमी के कारण पूजा की थाली में जरूरी चीजें शामिल नहीं कर पाते, जिससे पूजा अधूरी मानी जाती है. ऐसे में आइए जानते हैं पूजा की थाली में किन-किन चीजों का होना जरूरी माना जाता है.

अक्षत (बिना टूटे हुए चावल)

पूजा में अक्षत का अर्थ होता है जिसकी क्षति न हुई हो. यह पूर्णता का प्रतीक है. ध्यान रखें कि थाली में रखे चावल टूटे हुए न हों. अक्षत को भगवान को अर्पित करना सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.

कुमकुम और चंदन

बिना तिलक के कोई भी पूजा अधूरी है. कुमकुम (रोली) और चंदन न केवल भगवान को लगाए जाते हैं, बल्कि पूजा करने वाले के माथे पर भी लगाए जाते हैं. यह एकाग्रता और ऊर्जा का केंद्र माना जाता है.

दीपक

दीपक ज्ञान और प्रकाश का प्रतीक है. थाली में घी या तेल का दीपक जरूर रखें. यह नकारात्मकता को दूर करता है और वातावरण को शुद्ध बनाता है.

धूप और अगरबत्ती

पूजा के दौरान भीनी-भीनी खुशबू मन को शांति देती है. धूप या अगरबत्ती जलाने से घर का वातावरण सकारात्मक होता है और मन एकाग्र रहता है.

जल का कलश

पूजा की थाली में एक छोटा लोटा या तांबे का पात्र जल भरकर जरूर रखें. भगवान को स्नान कराने और शुद्धिकरण के लिए जल जरूरी है.

ताजे फूल और माला

फूल श्रद्धा और कोमलता के प्रतीक हैं. भगवान को उनकी पसंद के अनुसार ताजे फूल अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं. बासी या सूखे फूलों का प्रयोग कभी न करें.

नैवेद्य (प्रसाद)

भगवान को भोग लगाने के लिए थाली में कुछ मीठा, फल या मेवे जरूर रखें. यह हमारी कृतज्ञता को दर्शाता है कि जो कुछ हमारे पास है, वह ईश्वर का दिया हुआ है.

सुपारी और पान का पत्ता

सुपारी को गणेश जी का प्रतीक माना जाता है. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में सुपारी और पान का पत्ता रखना सौभाग्य की निशानी है.

मौली (कलावा)

इसे रक्षा सूत्र भी कहा जाता है. पूजा के अंत में कलाई पर कलावा बांधने से रक्षा का संकल्प सिद्ध होता है.

घंटी और कपूर

मान्यता के अनुसार, आरती के समय घंटी बजाने से आस-पास की बुरी शक्तियां दूर होती हैं.

पूजा की थाली का महत्व

पूजा की थाली केवल एक परंपरा नहीं बल्कि श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक होती है. इसमें रखी हर वस्तु का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है. माना जाता है कि सही सामग्री के साथ की गई पूजा से भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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