अब शासन-प्रशासन शंकारचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मनाने में लग गया है. सूत्रों के मुताबिक, प्रयागराज जिाल प्रशासन शंकराचार्य से माफी मांगने को तैयार हो गया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को एक फरवरी को होने वाले माघी पूर्णिमा स्नान के लिए मनाया जा रहा है. लखनऊ से कुछ बड़े अधिकारी मध्यस्थता करने में लगे हैं. ये अधिकारी वाराणसी में शंकराचार्य के पास जाएंगे और फिर वहां से प्रयागराज लेकर आएंगे.
सूत्रों के मुताबिक, बातचीत करीब-करीब फाइनल हो चुकी है. जल्द ही इसका ऐलान होगा. हालांकि शंकराचार्य ने दो शर्तें भी रख दी हैं. पहली- जिम्मेदार माफी मांगें और दूसरी- चारों शंकराचार्य का प्रोटोकॉल स्नान के लिए लागू किया जाए.
वहीं शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी योगीराज सरकार ने भी इसकी पुष्टि कर दी है. योगीराज सरकार ने बताया कि शंकराचार्य अचानक माघ मेला छोड़कर वाराणसी चले गए हैं. प्रयागराज प्रशासन को बिलकुल इसकी उम्मीद नहीं था. अब लखनऊ से शासन के दो बड़े अधिकारियों ने शंकराचार्य से संपर्क किया है. अधिकारियों ने कहा कि वह उनको माघी पूर्णिमा पर संगम स्नान ससम्मान के साथ कराएंगे. इस पर शंकराचार्य ने दो शर्तें रखी हैं.
योगीराज सरकार ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने वाराणसी आने की बात कही है. यहीं से वो शंकारचार्य को लेकर प्रयागराज माघ मेले में जाएंगे और फिर माघी पूर्णिमा स्नान कराएंगे. जल्द ही इसका ऐलान भी कर दिया जाएगा.






