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PM Kisan: दूसरों की जमीन पर खेती कर रहे किसानों को भी मिलेगा पैसा? ये है नियम

PM Kisan: दूसरों की जमीन पर खेती कर रहे किसानों को भी मिलेगा पैसा? ये है नियम
PM Kisan: दूसरों की जमीन पर खेती कर रहे किसानों को भी मिलेगा पैसा? ये है नियम

पीएम किसान योजना Image Credit source: ai generated

PM Kisan: देशभर के करोड़ों किसान इस समय पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं. 21वीं किस्त खातों में पहुंचने के बाद से ही नजरें अब 22वीं किस्त पर टिकी हैं. यह योजना न केवल खेती-किसानी के खर्चों में मदद करती है, बल्कि किसानों के लिए एक आर्थिक संबल भी है. हालांकि, इस उत्साह के बीच एक बड़ा सवाल उन किसानों के मन में भी उठ रहा है जो खुद की जमीन के मालिक नहीं हैं, लेकिन दिन-रात दूसरों के खेतों में मेहनत करते हैं. क्या सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना का लाभ बटाईदार या किराए पर खेती करने वाले किसानों को भी मिलेगा?

क्या बटाईदारों के खाते में भी आएगी सम्मान निधि?

भारत के ग्रामीण परिवेश में एक बड़ी आबादी ऐसे किसानों की है, जिनके पास अपनी खुद की कृषि योग्य भूमि नहीं है. वे जीवनयापन के लिए दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं. इसे आम बोलचाल में बटाई पर खेती करना कहा जाता है, जहां किसान फसल का एक हिस्सा जमीन मालिक को देता है और बाकी खुद रखता है. मेहनत पूरी तरह से इन किसानों की होती है, लेकिन जमीन के कागजात इनके नाम पर नहीं होते.

यही कारण है कि जब पीएम किसान की 22वीं किस्त की चर्चा शुरू हुई, तो यह भ्रम भी फैलने लगा कि क्या इस बार नियमों में कोई बदलाव हुआ है? क्या बटाईदारों को भी पैसा मिलेगा? नियमों के मुताबिक, इसका सीधा जवाब ‘नहीं’ है. पीएम किसान सम्मान निधि का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि इसका लाभ केवल उन्हीं को मिलता है, जिनके नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में खेती की जमीन दर्ज है. यानी, अगर आप जमीन पर खेती तो कर रहे हैं लेकिन खतौनी में आपका नाम नहीं है, तो आप इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे.

सोशल मीडिया की खबरों से भ्रमित न हों किसान

आजकल सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें तैरती रहती हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि सरकार नियमों में ढील दे रही है. लेकिन किसानों को यह समझना होगा कि पीएम किसान योजना का आधार ‘भू-स्वामित्व’ है. जब यह योजना शुरू हुई थी, तब इसे केवल छोटे और सीमांत किसानों तक सीमित रखा गया था. बाद में सरकार ने दायरा बढ़ाया और सभी जोत वाले किसानों को इसमें शामिल कर लिया, लेकिन शर्त वही रही जमीन आपके नाम होनी चाहिए. इसलिए, यदि आप किसी दूसरे किसान की जमीन पर कितनी भी मेहनत से खेती कर रहे हों, दुर्भाग्यवश मौजूदा नियमों के तहत आप 22वीं किस्त के हकदार नहीं होंगे.

बजट के बाद ही खत्म होगा 22वीं किस्त का इंतजार

अब बात करते हैं उस सवाल की जिसका इंतजार हर पात्र किसान कर रहा है आखिर पैसा कब आएगा? ताजा अपडेट्स को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 22वीं किस्त के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा. इसकी वजह आगामी केंद्रीय बजट है. 1 फरवरी 2026 को देश का बजट पेश किया जाना है.

संभावना यही है कि बजट सत्र के बाद ही सरकार सम्मान निधि की अगली राशि जारी करेगी. यह किस्त चालू वित्त वर्ष की आखिरी किस्त होगी, क्योंकि अप्रैल महीने से नया वित्त वर्ष शुरू हो जाएगा. इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें और इस बीच अपना ई-केवाईसी और भू-सत्यापन का कार्य पूरा रखें, ताकि किस्त जारी होते ही पैसा बिना किसी रुकावट के सीधे उनके बैंक खाते में पहुंच सके.

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