: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी की PDA रथ यात्रा को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से प्रदेशव्यापी PDA रथ यात्रा शुरू करने की तैयारी में हैं। पार्टी के अनुसार यह अभियान पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े सामाजिक न्याय के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। रथ पर भी PDA की व्याख्या ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ के रूप में दर्ज है।
रवि किशन ने PDA के ‘P’ पर उठाया सवाल
इसी राजनीतिक अभियान को लेकर बीजेपी सांसद रवि किशन ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। रवि किशन ने तंज करते हुए कहा कि PDA में ‘P’ का मतलब परिवारवाद है, पंडित नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ‘P’ से पंडित का मतलब बताया जा रहा है तो परिवारवाद के मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं की जा रही। यह बयान PDA की परिभाषा और सपा की सामाजिक राजनीति को लेकर चल रही बहस के बीच आया है।
ब्राह्मणों को लेकर भी साधा निशाना
रवि किशन ने सपा पर ब्राह्मण समाज को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “सपा ब्राह्मणों को कोई झूठ का झुनझुना न दे।” उनका यह बयान उस चर्चा के संदर्भ में है, जिसमें अखिलेश यादव ने अगस्त में PDA के ‘P’ को ‘पंडित’ से जोड़कर ब्राह्मण समाज का उल्लेख किया था। उस समय अखिलेश यादव ने PDA की अलग व्याख्या पेश करते हुए ‘P’ को पंडित बताया था।
PDA रथ पर लिखा है पिछड़ादलितअल्पसंख्यक
सपा की ओर से तैयार किए गए PDA रथ पर ‘समाजवादी PDA यात्रा’ के साथ ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ लिखा गया है। रथ पर सामाजिक न्याय से जुड़े संदेशों के साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर, जनेश्वर मिश्र, राम मनोहर लोहिया और बेनी प्रसाद वर्मा की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पार्टी ने अभी यात्रा की पूरी तारीख और रूट की आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
2027 से पहले PDA पर बढ़ी सियासी बहस
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले PDA समाजवादी पार्टी के प्रमुख राजनीतिक नारों में शामिल है। अगस्त में भी बीजेपी नेताओं ने PDA की परिभाषा और परिवारवाद को लेकर अखिलेश यादव पर सवाल उठाए थे। वहीं सपा की ओर से PDA को सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जोड़ा गया है। ऐसे में रवि किशन का ताजा बयान PDA की परिभाषा, ब्राह्मण प्रतिनिधित्व और परिवारवाद को लेकर जारी राजनीतिक बहस की एक और कड़ी है।