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Pauranik Katha: इंद्र भी क्यों टेकते हैं इनके आगे मत्था? पढ़िए बृहस्पति के महागुरु बनने की रोचक कहानी

Pauranik Katha: इंद्र भी क्यों टेकते हैं इनके आगे मत्था? पढ़िए बृहस्पति के महागुरु बनने की रोचक कहानी
Pauranik Katha: इंद्र भी क्यों टेकते हैं इनके आगे मत्था? पढ़िए बृहस्पति के महागुरु बनने की रोचक कहानी

बृहस्पति देव पौराणिक कथाImage Credit source: AI ChatGpt

Brihaspati Dev Pauranik Katha: सनातन धर्म में बृहस्पति को देवगुरु कहा जाता है. यानी देवताओं का गुरु. ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति एक महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं. बृहस्पति ज्ञान, शिक्षा, धर्म, धन, संतान, और नैतिकता का कारक माने जाते हैं. हालांकि, लोगों के मन में अक्सर ये सवाल उठता रहता है कि बृहस्पति को देवताओं का गुरु क्यों कहा जाता है? इसके पीछे क्या वजह हो सकती है?

बृहस्पति देव को देवताओं का गुरु कहे जाने के पीछे शास्त्रों में एक दिलचस्प कथा है. इस पौराणिक कथा के अनुसार, बृहस्पति देव को देवगुरु की उपाधि दी गई है. आइए जानतें हैं कि उनको ये उपाधि किसने दी और क्यों उनको देवगुरु कहा जाता है?

बृहस्पति देव का स्वरूप कैसा है?

बृहस्पति देव का वर्ण पीला है. उनको पीला रंग बहुत प्रिय है. वो हमेशा सुनहरे मुकुट और सुंदर मालाओं से सजे रहते हैं. इसके अलावा वो कमल के आसन पर विराजमान होते हैं और पीले वस्त्र धारण करते हैं. उनके चार हाथों में दंड, रुद्राक्ष की माला, पात्र और वरमुद्रा सुशोभित है. वो सूर्य के समान तेजस्वी और सोने के रथ पर चलते हैं. जिसमें वायु के समान तीव्र आठ घोड़े जुते हुए हैं.

कथा के अनुसार…

पुराणों के अनुसार, बृहस्पति देव का परिवार अत्यंत समृद्ध है. उनके अधिदेवता देवराज इंद्र और प्रत्यधिदेवता सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा हैं. स्कंदपुराण के अनुसार, बृहस्पति देव ने देवगुरु और नवग्रहों में जगह पाने के पीछे घोर तपस्या की. कथा के अनुसार, बृहस्पति देव ने प्रभास तीर्थ में भगवान शिव की अत्यंत कठीन तपस्या की थी.

उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव ने उनको देवताओं के आचार्य का पद प्रदान किया. साथ ही उनको आकाशमंडल में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली ग्रह के रूप में स्थापित किया. बृहस्पति देव अपने अगाध ज्ञान से देवताओं को यज्ञ का भाग प्राप्त करने में मदद करते हैं और रक्षोन्घ मंत्रों के बल पर असुरों से उनकी रक्षा करते हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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