
कुछ बच्चे कम उम्र में ही बेहद सफल हो जाते हैं. साथ ही वे खुश और स्वस्थ भी रहते हैं. इसके पीछे उनका अपना टैलेंट और पर्सनालिटी तो होती ही है, उनके पैरेंट्स की बहुत अच्छी परवरिश और घर का सकारात्मक माहौल भी बड़ी वजह होता है. पढ़ाई हो या एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज बच्चों पर आगे रहने का बड़ा दवाब है. उस पर मां-बाप की बेजा ख्वाहिशें और सपनों का बोझ हो तो ना तो बच्चे का सही तरीके से विकास हो पाता है और ना ही वह जीवन में खुश रह पाता है. जाहिर है ऐसे बच्चे के सफल होने के चांसेज भी कम ही रहेंगे. अंक शास्त्र में ऐसे पैरेंट्स के बारे में बताया गया है जो अपने बच्चों के ना केवल अच्छे दोस्त साबित होते हैं, बल्कि हर हाल में उन्हें समझते और सपोर्ट करते हैं.
फ्रेंडली पैरेंट्स
ये पैरेंट्स अपने बच्चे की क्षमताओं को समझते हैं और उन्हें उसी के अनुसार आगे बढ़ने में मदद करते हैं. वे बच्चों से अच्छा कम्युनिकेशन रखते हैं ताकि उनकी बदलती मन:स्थिति को समझ सकें. साथ ही उन पर अपने सपनों का बोझ नहीं डालते और ना ही बच्चों की मर्जी के बगैर करियर चुनने पर मजबूर करते हैं. आइए ऐसे मूलांकों के बारे में जानते हैं, जिनके पैरेंट्स बहुत अच्छे माता-पिता साबित होते हैं.
मूलांक 2
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 और 29 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 2 होता है. मूलांक 2 के स्वामी चंद्रमा हैं और इस मूलांक के लोग अच्छे माता-पिता बनते हैं. वे जीवन में खुशी को प्राथमिकता देते हैं, लिहाजा अपने बच्चे को वही करियर चुनने की सलाह देते हैं, जिसमें उन्हें असली खुशी मिले.
मूलांक 5
जिन लोगों की जन्मतारीख 5, 14 या 23 हो, उन लोगों का मूलांक 5 होता है. मूलांक 5 के स्वामी बुध ग्रह हैं. ये जातक मिलनसार, बोलचाल में निपुण और बुद्धिमान होते हैं. साथ ही बहुत अच्छे दोस्त साबित होते हैा. मूलांक 5 के लोग अपने बच्चों से संवाद करने और दोस्ताना व्यवहार करने में भरोसा करते हैं. जिससे बच्चे भी उनसे कुछ नहीं छिपाते और गाइडेंस लेने में नहीं हिचकिचाते.
मूलांक 6
6, 15 और 24 बर्थडेट वालों का मूलांक 6 होता है. मूलांक 6 के स्वामी शुक्र हैं और इन जातकों को लग्जरी लाइफ जीना पसंद होता है. इन लोगों के पास बहुत पैसा होता है और वे जिंदगी के भरपूर मजे लेते हैं. साथ ही वे अपने बच्चों से अच्छा कम्युनिकेशन रखते हैं. उन्हें जीवन में कुछ नया करने के लिए प्रेरित करते हैं. मूलांक 6 वाले माता-पिता अपने बच्चों पर चीजें थोपने की बजाय उनकी बात सुनते हैं और उन्हें हमेशा मोटिवेट करते हैं.






