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Parental Karma Impact: क्या माता-पिता के पाप का फल बच्चे भुगतते हैं? जानें राजा से रंक बनने में कितना लगता है समय

Parental Karma Impact: क्या माता-पिता के पाप का फल बच्चे भुगतते हैं? जानें राजा से रंक बनने में कितना लगता है समय
Parental Karma Impact: क्या माता-पिता के पाप का फल बच्चे भुगतते हैं? जानें राजा से रंक बनने में कितना लगता है समय

माता-पिता के कर्मों का फल बच्चों को मिलता है. (सांकेतिक तस्वीर)Image Credit source: PTI

क्या माता-पिता के पाप-पुण्य कर्मों का संतान को फल मिलता है? इसका जवाब प्रख्यात ज्योतिषी डॉ. बसवराज गुरुजी ने दिया है. गुरुजी के अनुसार, जिस प्रकार माता-पिता अपने बच्चों को संपत्ति, धन, सोना आदि जैसी भौतिक संपत्ति ट्रांसफर करते हैं, उसी प्रकार ऋण भी संतान को ट्रांसफर होते हैं. यह शास्त्रों में वर्णित है. इसी प्रकार, पाप, पुण्य और कर्मफल भी पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होते हैं. लोग पिछले जन्मों के कर्मफल के आधार पर जन्म लेते हैं. ऐसा कहा जाता है कि भगवान हमें पिछले जन्मों के पापों और कर्मफल के अनुसार माता-पिता के माध्यम से जन्म देते हैं.

उन्होंने कहा कि माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे खुशहाल रहें, लेकिन मायने यह रखता है कि उन्होंने अपना जीवन कैसे जिया है, कितनी दौलत कमाई है, कितनी जमीन हासिल की है, कितनी शक्ति प्राप्त की है या उसे कैसे अर्जित किया है. धर्म के मार्ग पर, ईमानदारी से अर्जित धन बच्चों को आसानी से मिल जाता है और उनके विकास में सहायक होता है. अधर्म के मार्ग पर, असहायों पर अत्याचार, धोखाधड़ी, अत्यधिक ब्याज वसूलने या कमजोरों को सताने से अर्जित धन बच्चों के लिए कष्ट का कारण बन सकता है. ऐसे मामलों में, हम देखते हैं कि बच्चे संपत्ति के रिकॉर्ड ठीक करवाने के लिए संघर्ष करते हैं, आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं या उस संपत्ति से किसी भी तरह से लाभ नहीं उठा पाते हैं. ये सभी माता-पिता के पापों या पुण्यों के फल हैं.

पाप करने पर क्या मिलते हैं फल?

गुरुजी ने कहा कि माता-पिता के पुण्य कर्मों के फलस्वरूप संतानें अपनी विरासत को बेहतर ढंग से विकसित कर सकती हैं, लेकिन पाप के फल मिलने पर आर्थिक तंगी, विकास में ठहराव और जीवन में असंतोष जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. अन्यायपूर्ण आचरण, उच्च ब्याज दर वसूलना और कमजोरों पर अत्याचार करना, ये सब निश्चित रूप से परिवार की अगली पीढ़ी को प्रभावित करेंगे.

धर्म के मार्ग का करें अनुसरण

उन्होंने कहा कि एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि आप चाहे कितनी भी संपत्ति, भूमि और धन अर्जित कर लें, यह बहुत कम ही संभव है कि वह आपके बाद तीसरी पीढ़ी तक बचे. यहां तक ​​कि राजाओं और सम्राटों के मामले में भी यही स्थिति है. गुरुजी ने सलाह दी है कि चूंकि हमारे माता-पिता के पुण्य, पाप और कर्म सभी पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं, इसलिए यदि हम धर्म के मार्ग का सावधानीपूर्वक अनुसरण करें, तो यह हमारे और आने वाली पीढ़ियों के कल्याण की ओर ले जाएगा.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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