देश में सोना गिरवी रखकर लोन लेने की संख्या तेजी से बढ़ी है. खासकर एनबीएफसी कंपनियों में. आरबीआई की ताजा रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. दरअसल गैरबैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफसी के सोने के गहनों के बदले दिए गए बकाया लोन में मई में सालाना आधार पर लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मई, 2026 के अंत तक सोने के गहनों के बदले दिया गया बकाया लोन 3.29 लाख करोड़ रुपये रहे, जो एक वर्ष पहले के 1.94 लाख करोड़ रुपये था. यानी कि एक साल में इसमें 69.9 प्रतिशत अधिक तेजी देखी गई है.
इन सेगमेंट में तेजी से बढ़ रहा लोन
रिटेल लोन सेगमेंट में होम लोन, कार लोन और गोल्ड के बदले दिए गए लोन में मई के दौरान मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. इस दौरान कुल रिटेल लोन सालाना आधार पर 19.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक वर्ष पहले की समान अवधि में इसमें 14.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. गोल्ड लोन के अलावा, एनबीएफसी द्वारा वाणिज्यिक क्षेत्र को दिए गए बकाया ऋण में दूसरी सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई. यह सालाना आधार पर 40.2 प्रतिशत बढ़कर मई में 1.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले 85,317 करोड़ रुपये था.
एग्रीकल्चर लोन भी बढ़ा
गोल्ड लोन, होम लोन, कार लोन के अलावा कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए लोन भी मजबूत बना रहा. मई, 2026 में इसमें सालाना आधार पर 17.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज पांच प्रतिशत वृद्धि से काफी अधिक है. आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र को दिए गए लोन की वृद्धि दर मई में घटकर 7.3 प्रतिशत रह गई, जो एक वर्ष पहले 10 प्रतिशत थी. इसका मुख्य कारण बुनियादी ढांचा क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण की वृद्धि में सुस्ती रही. इसी तरह, सेवा क्षेत्र को दिए गए लोन की वृद्धि दर भी मई, 2025 के 23.9 प्रतिशत से घटकर सालाना आधार पर 16.7 प्रतिशत रह गई. आरबीआई के आकड़ों के मुताबिक गोल्ड लोन का चलन खासकर एनबीएफसी से लोन लेना तेजी से बढ़ा है.




