Politics

मध्य प्रदेश में हनुमान जी को लेकर नई बहस, उमंग सिंघार के बयान पर गरमाई सियासत

मध्य प्रदेश में हनुमान जी को लेकर नई बहस, उमंग सिंघार के बयान पर गरमाई सियासत
मध्य प्रदेश में हनुमान जी को लेकर नई बहस, उमंग सिंघार के बयान पर गरमाई सियासत

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आदिवासियों के नाम पर नई बहस शुरू हो गई है. मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हनुमान जी को एक बार फिर आदिवासी बता दिया. इस बयान पर अब बीजेपी ने पलटवार किया है. मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार गुरुवार को बड़वानी जिले के सेंधवा में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान राम की सेना में शामिल वानर सेना दरअसल आदिवासी थी, लेकिन कथाकारों ने उन्हें वानर के रूप में प्रस्तुत किया. उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस हमेशा आदिवासियों को हिंदू बनाने की बात करती हैं, जबकि आदिवासियों की अपनी अलग संस्कृति, परंपरा और पहचान है.

उन्होंने कहा कि आदिवासी सूरज, गाय और फसल की पूजा करते हैं और अपनी परंपराओं पर गर्व करते हैं. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आदिवासी कमजोर नहीं हैं, उनके पास तीर-कमान की ताकत, आत्मसम्मान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है. उन्होंने साफ कहा कि आदिवासी संस्कृति और रीति-रिवाजों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

हनुमान जी सबके भगवान, सिंघार के बयान पर BJP

उमंग सिंघार के इस बयान पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि हनुमान जी सबके भगवान हैं और अगर कोई उन्हें आदिवासी मानता है तो बीजेपी को इस पर कोई आपत्ति नहीं है.

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हनुमान जी रामभक्त थे, महाबली थे और सत्य की स्थापना के लिए उन्होंने भगवान राम की विजय में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने यह भी कहा कि अगर हनुमान जी को आदिवासी माना जाता है, तो आदिवासियों को उनकी पूजा करनी चाहिए और उमंग सिंघार को जगह-जगह हनुमान मंदिर बनवाने चाहिए. गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब उमंग सिंघार ने ऐसा बयान दिया हो. इससे पहले जून 2023 में धार जिले के बाग में भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के मौके पर भी उन्होंने हनुमान जी को आदिवासी बताया था.

Khabar Monkey
the authorKhabar Monkey