
असम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा.
असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को फिर बड़ा झटका लगा है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के साथ दो मुस्लिम विधायकों ने कांग्रेस से अलग होने का फैसला लिया है. दोनों ही विधायक क्षेत्रीय पार्टी रायजोर दल में शामिल होने जा रहे हैं. विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस के लिए ये बहुत बड़े झटके माने जा रहे हैं. यह बदलाव आने वाले चुनाव में बड़ा असर डालेगा?
बताया जा रहा है कि वेस्ट गोलपारा के विधायक अब्दुल रशीद मंडल और बैगबार के निलंबित विधायक शेरमान अली अहमद ने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है. दोनों विधायकों ने इसकी घोषणा कर दी है. विधायकों ने जल्द ही क्षेत्रीय पार्टी रायजोर दल में शामिल होने की बात कही है. असम में लगातार हो रहे इस्तीफों के बीच राज्य में राजनीति तेज हो गई. असम कांग्रेस के बड़े नेता इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे हुए हैं. पार्टी हाईकमान इस पर बात करने से बच रहा है. अभी तक इन इस्तीफों की पुष्टि नहीं की है.
32 वर्षों की लंबी राजनीतिक यात्रा के बाद छोड़ी कांग्रेस
इससे पहले पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भूपेन कुमार बोराह ने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने 32 वर्षों की लंबी राजनीतिक यात्रा के बाद पार्टी छोड़ने का फैसला किया है. भूपेन के इसी फैसले के बाद से असम कांग्रेस खेमे में हलचल तेज है. बोराह ने मीडियो से बात करते हुए कहा कि उन्होंने उन्होंने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए लिया गया है. उन्होंने सुबह करीब 8 बजे अपना इस्तीफा पत्र पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है.
असम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भविष्य की राजनीतिक योजना पर कहा कि वे अपने समर्थकों और शुभचिंतकों से विचार-विमर्श के बाद फैसला लेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्तीफा अंतिम है और वापस नहीं लिया जाएगा. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है, हालांकि उन्होंने विस्तार से टिप्पणी नहीं की.
गौरव गोगोई पर कथित उच्च-हस्तक्षेप और पक्षपात का आरोप
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, सांसद गौरव गोगोई पर कई आरोप लगे हैं. गौरव पर कथित उच्च-हस्तक्षेप, पक्षपात और पार्टी में नेतृत्व की अक्षमता का जिक्र है. स्थानीय नेताओं का आरोप है कि गौरव गोगोई राज्य में पार्टी से जुड़े फैसले लेने में भी देरी कर रहे हैं, जबकि कुछ महीनों में चुनाव होने हैं. बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर टिकट वितरण और संगठनात्मक फैसलों को लेकर भी भारी असंतोष है. परिवर्तन यात्रा के दौरान नेताओं के बीच विवाद भी सामने आया था.भूपेन और अन्य दो विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस असम में ही घिर गई है. अब ये देखना दिलचस्प होगा कि गौरव गोगोई इन सभी से कैसे पार पाते हैं.
बीजेपी को कैसे चुनौती देगी कांग्रेस?
असम में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई. ऐसे में वह बीजेपी बीजेपी के मजबूत गढ़ को कैसे ध्वस्त कर पाएगी? बताया जा रहा है कि आंतरिक कलह से कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बोराह का जाना पार्टी में और असंतोष को बढ़ावा दे सकता है और आगे भी कुछ और नेता इस्तीफा दे सकते हैं.






