पब्लिक सेक्टर की इंश्योरेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मार्च तिमाही में वित्तीय क्षेत्र की सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 23,420 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) में भी वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एलआईसी ने प्रॉफिट के मामले में पहला स्थान बरकरार रखा। एलआईसी का मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही में शुद्ध लाभ 23 प्रतिशत बढ़कर 23,420 करोड़ रुपये रहा है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 19,013 करोड़ रुपये था। कंपनी ने पिछले हफ्ते अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की थी।
Khabar Monkey

मार्च तिमाही में एसबीआई ने कितना कमाया प्रॉफिट
शेयर बाजारों के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चौथी तिमाही में देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का लाभ 19,684 करोड़ रुपये और प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक का लाभ 19,221 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान वार्षिक लाभ के मामले में एसबीआई ने एलआईसी को पीछे छोड़ दिया। एसबीआई का सालाना शुद्ध लाभ 80,032 करोड़ रुपये रहा, जबकि एलआईसी का लाभ 57,419 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसी तरह, एचडीएफसी बैंक का वार्षिक लाभ 74,670 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक का लाभ 50,147 करोड़ रुपये रहा।
बाकी सरकारी कंपनियों का कैसा रहा प्रदर्शन
अन्य सरकारी कंपनियों में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने चौथी तिमाही में 11,378 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। इसके बाद कोल इंडिया का लाभ 10,839 करोड़ रुपये रहा। वहीं, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन ने 8,598 करोड़ रुपये और एनटीपीसी ने 8,747 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का लाभ 4,546 करोड़ रुपये, आरईसी लिमिटेड का 3,375 करोड़ रुपये और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) का लाभ 1,680 करोड़ रुपये रहा। एलआईसी के शानदार नतीजों के एक दिन बाद 23 मई को बीएसई पर उसका शेयर शुरुआती कारोबार में लगभग 5 प्रतिशत चढ़कर 839 रुपये पर पहुंच गया।
वोडाफोन आइडिया ने बनाया नया रिकॉर्ड
पूरे कॉरपोरेट सेक्टर की बात करें तो जनवरी-मार्च तिमाही में वोडाफोन आइडिया 51,970 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड लाभ के साथ सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा कमाने वाली कंपनी रही। करीब 6 सालों में ये कंपनी का पहला तिमाही लाभ था, जो मुख्य रूप से वैधानिक देनदारियों में राहत मिलने से संभव हुआ। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्थान रहा, जिसका शुद्ध लाभ 16,971 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, ये पिछले साल की समान अवधि के 19,407 करोड़ रुपये की तुलना में कम है।





