लखनऊ की राजधानी में स्थित केजीएमयू अस्पताल से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में धर्मांतरण केस के आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बीते दो हफ्तों से फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। शुक्रवार को जब वह अपने किराए के मकान को खाली करने और कोर्ट में सरेंडर करने के इरादे से पहुंचा, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन लखनऊ में किराए के मकान में रहता था। फरारी के दौरान वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। शुक्रवार को वह अपने मकान से कुछ जरूरी सामान लेने आया था और इसके बाद कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था। इसी बीच चौक पुलिस को इनपुट मिला और मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आए गंभीर आरोप
जांच के दौरान पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोप है कि डॉक्टर रमीजुद्दीन हिंदू युवतियों को निशाना बनाता था। वह पहले उनसे दोस्ती करता, फिर फोन पर घंटों बातचीत कर भरोसा जीतता था। इसके बाद उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश करता था। पुलिस का कहना है कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जाता था।
इस मामले में एक और महिला ने भी आरोपी पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने और जबरन गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस इन सभी बिंदुओं की अलग-अलग जांच कर रही है।
माता-पिता भी गिरफ्त में
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के माता-पिता भी इस पूरे मामले में भूमिका निभा रहे थे। इसी आधार पर पुलिस पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि परिवार के लोग आरोपी की गतिविधियों से अवगत थे और कुछ मामलों में उसका साथ भी दे रहे थे।
संपत्तियों पर चला कानून का डंडा
पुलिस ने आरोपी रमीजुद्दीन की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। लखनऊ स्थित उसके घर के अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में उसके परिवार से जुड़े ठिकानों पर जब्ती के नोटिस चिपकाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि कानून के तहत आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।





