
भूख न लगनाImage Credit source: Getty Images
कुछ लोगों को अचानक पहले जैसी भूख लगनी बंद हो जाती है.अक्सर इसे थकान, मौसम या रूटीन में बदलाव मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यह आदत ठीक नहीं है. भूख हमारे शरीर की ज़रूरतों और अंदरूनी संतुलन का संकेत देती है. जब शरीर को एनर्जी चाहिए होती है, तो भूख लगना स्वाभाविक है. अगर बिना किसी खास कारण के लगातार भूख कम महसूस हो रही है तो इसका असर शरीर की ताकत, इम्यूनिटी और मानसिक स्थिति पर भी पड़ सकता है.
समय पर और सही मात्रा में खाना न खाने से कमजोरी, चक्कर, चिड़चिड़ापन और काम में मन न लगना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. शरीर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है और रोज़मर्रा के काम भी भारी लगने लगते हैं. लंबे समय तक भूख कम रहने से वजन घट सकता है और पोषण की कमी होने लगती है. इसका असर त्वचा, बालों और नींद की गुणवत्ता पर भी दिखाई दे सकता है. कई बार व्यक्ति को बिना वजह थकान और सुस्ती महसूस होती है. इसलिए भूख में आए बदलाव को समझना और समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी है.
भूख कम लगना हो सकता है इन बीमारियों का संकेत
आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि लगातार भूख न लगना कई बार किसी अंदरूनी बीमारी से जुड़ा हो सकता है.पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कतें, जैसे गैस, एसिडिटी या पेट में सूजन, भूख को कम कर सकती हैं. थायरॉइड की गड़बड़ी में भी शरीर का मेटाबॉलिज़्म प्रभावित होता है, जिससे खाने की इच्छा घट जाती है. खून की कमी यानी एनीमिया में कमजोरी और थकान के साथ भूख कम लगना आम है.
इसके अलावा लीवर या किडनी से जुड़ी समस्याएं, लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण, या हॉर्मोनल असंतुलन भी इसका कारण बन सकते हैं. मानसिक कारण जैसे तनाव, डिप्रेशन और एंग्जायटी भी भूख को दबा देते हैं. अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे शरीर का चेतावनी संकेत मानना चाहिए.
कैसे करें बचाव?
भूख को बेहतर बनाए रखने के लिए रोज़ाना एक तय समय पर खाना खाएं और बहुत देर तक भूखे न रहें. हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन चुनें, जिसमें फल, सब्ज़ियां और पर्याप्त प्रोटीन शामिल हों. ज्यादा तला-भुना और जंक फूड कम करें.
पर्याप्त पानी पिएं और नींद पूरी लें. रोज़ थोड़ी देर टहलना या हल्का व्यायाम पाचन को बेहतर करता है. तनाव कम करने के लिए योग,ध्यान या अपनी पसंद की एक्टिविटी अपनाएं.
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर भूख कम लगने की समस्या दो से तीन हफ्ते से ज्यादा बनी रहे, वजन तेजी से घटने लगे, लगातार कमजोरी या चक्कर आएं या खाने के बाद उलटी जैसा महसूस हो, तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है.समय पर जांच कराने से सही कारण पता चल सकता है और गंभीर समस्या से बचाव संभव है.






