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IRDAI New Rule: बीमा कंपनियों पर गिरी गाज, 28% ​लुढ़का पॉलिसीबाजार का शेयर​

IRDAI New Rule: गुरुवार का दिन इंश्योरेंस सेक्टर की कंपनियों के लिए बेहद बुरा साबित हुआ. शेयर बाजार खुलते ही इन कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई. शुरुआती कारोबार में ही HDFC लाइफ के शेयर 7.2 फीसदी गिरकर 521 रुपये पर आ गए. वहीं ICICI प्रूडेंशियल लाइफ के शेयरों में 7.5 फीसदी […]

IRDAI New Rule: गुरुवार का दिन इंश्योरेंस सेक्टर की कंपनियों के लिए बेहद बुरा साबित हुआ. शेयर बाजार खुलते ही इन कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई. शुरुआती कारोबार में ही HDFC लाइफ के शेयर 7.2 फीसदी गिरकर 521 रुपये पर आ गए. वहीं ICICI प्रूडेंशियल लाइफ के शेयरों में 7.5 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. Policybazaar प्लेटफॉर्म की पेरेंट कंपनी PB Fintech का शेयर पिछले बंद भाव से 28 प्रतिशत तक नीचे आ गया है. BSE पर 1,360.80 रुपये और NSE पर 1,357.90 रुपये पर लोअर सर्किट लगा है. बाजार में आई इस तबाही के पीछे बीमा नियामक IRDAI का एक नया प्रस्ताव है.

धड़ाम हुए शेयरों के पीछे की असली वजह

दरअसल IRDAI ने इंश्योरेंस सेक्टर पर एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है. ये पेपर बाजार की उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा. इसमें बीमा कंपनियों के एक्सपेंसऑफमैनेजमेंट के साथसाथ कमीशन के ढांचे में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है. ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इन बदलावों से बीमा बेचने के पूरे अर्थशास्त्र पर गहरा असर पड़ेगा. इसी डर से निवेशकों ने धड़ाधड़ अपने शेयर बेचने शुरू कर दिए. लाइफ इंश्योरेंस शेयरों की हालत पहले से ही खराब चल रही है. साल 2026 में अब तक HDFC लाइफ करीब 30 फीसदी जबकि ICICI प्रूडेंशियल 33.3 फीसदी टूट चुके हैं. ऐसे में ये नया ड्राफ्ट इनकी परेशानी मजीद बढ़ा रहा है.

डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए खड़ी हुई बड़ी मुसीबत

बर्नस्टीन जैसी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कमीशन में जो कटौती सुझाई गई है, वह अनुमान से कहीं ज्यादा है. इसका सबसे भयंकर असर पॉलिसीबाजार जैसी कंपनियों पर पड़ेगा. जेफरीज का भी मानना है कि नए बिजनेस पर कमीशन घटने से PB फिनटेक समेत टर्टलमिंट की कमाई में 10 से 12 फीसदी की सेंध लग सकती है. प्योरटर्म पॉलिसी पर पहले साल का कमीशन अब 2530 प्रतिशत तक सीमित कर दिया जाएगा. वहीं लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के लिए EOM की सीमा 12.5 प्रतिशत तय की जाएगी.

LIC समेत इन कंपनियों को मिलेगी राहत

जहां एक तरफ प्राइवेट कंपनियों में हाहाकार मचा है, वहीं कुछ सरकारी कंपनियों के लिए राहत की खबर है. मैक्वेरी के अनुसार इन प्रस्तावित बदलावों का LIC के अलावा SBI लाइफ पर काफी कम असर देखने को मिलेगा. इसकी मुख्य वजह इनका बड़ा एजेंसी नेटवर्क है. नए नियमों में ब्रोकर चैनलों के बजाय सीधे जुड़े हुए एजेंट्स को ज्यादा अहमियत दी गई है. इसके अलावा स्टार हेल्थ के साथ ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस भी इस झटके से काफी हद तक सुरक्षित रहेंगे. अगर बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो मैक्वेरी का मानना है कि SBI, ICICI बैंक के मुकाबले एक्सिस बैंक व HDFC बैंक पर इसका ज्यादा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

ग्राहकों को मिलेगा सस्ते प्रीमियम का फायदा

भले ही शेयर बाजार इस खबर से डरा हुआ है, लेकिन आम आदमी के लिए ये एक अच्छी खबर साबित हो सकती है. HSBC की रिपोर्ट बताती है कि IRDAI के इस बड़े कदम का मुख्य लक्ष्य देश में इंश्योरेंस को ज्यादा किफायती बनाना है. डिस्ट्रीब्यूशन की लागत घटने से बीमा का प्रीमियम सस्ता हो सकता है. इसका सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा जो नई पॉलिसी खरीदना चाहते हैं. इससे आने वाले वक्त में बीमा की पहुंच बढ़ेगी. हालांकि बर्नस्टीन को उम्मीद है कि इंश्योरेंस इंडस्ट्री की तरफ से इन कड़े बदलावों का भारी विरोध देखने को मिलेगा.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.
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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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