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ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारत बना बड़ी ताकत…गोवा IEW 2026 में बोले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी

ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारत बना बड़ी ताकत…गोवा IEW 2026 में बोले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी
ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारत बना बड़ी ताकत...गोवा IEW 2026 में बोले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी

गोवा IEW 2026 के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह

गोवा में इन दिनों इंडिया एनर्जी वीक चल रहा है. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यहां भविष्य की ऊर्जा को लेकर अहम बातें कही हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले बीस सालों में वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी करीब 35 फीसदी होगी. उन्होंने साफ़ किया कि भारत की ऊर्जा क्षेत्र की ग्रोथ स्थिर और संतुलित है.

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अब केवल ऊर्जा का इंपोर्टर नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में एक्सपोर्टर की भूमिका में भी आ चुका है. देश की रिफाइनिंग और प्रोसेसिंग क्षमता लगातार बढ़ रही है और भारत आज ग्लोबल एनर्जी मार्केट से पूरी तरह इंटीग्रेटेड है.

भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत 41 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिससे सप्लाई डाइवर्सिफिकेशन और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की ऑयल इकोनॉमी वैश्विक ऊर्जा संतुलन में एक अहम भूमिका निभा रही है.

भविष्य की उड़ान है SAF

सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत पुणेदिल्ली रूट पर SAF आधारित एक उड़ान पहले ही संचालित कर चुका है. उन्होंने कहा कि 2027 से इस क्षेत्र में और ठोस प्रगति देखने को मिलेगी. केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में SAF एक व्यावहारिक और प्रभावी समाधान के तौर पर उभरेगा.

हरदीप सिंह पुरी ने मुताबिक SAF के लिए ज़रूरी बायोमास की उपलब्धता भारत में कोई समस्या नहीं है, हालांकि Used Cooking Oil भारत के लिए व्यावहारिक विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत और ब्राज़ील जैसे देशों में SAF के लिए व्यापक संभावनाएं हैं. इस दिशा में लगातार बातचीत और सहयोग चल रहा है.

ग्रीन हाइड्रोजन: मिशन मोड में भारत

ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर मंत्री ने कहा कि इसकी नीति पहले ही लागू की जा चुकी है और प्रधानमंत्री ने इसे मिशन मोड में आगे बढ़ाने का स्पष्ट निर्देश दिया है. इस मिशन को छह अलग-अलग मंत्रालयों/विभागों के बीच बांटा गया है ताकि क्रियान्वयन तेज़ हो.

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य ग्रीन हाइड्रोजन की कीमत कम करना है, क्योंकि भारत में बड़े पैमाने पर स्केलिंग की क्षमता मौजूद है. उनके मुताबिक जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ेगा, लागत घटेगी और भारत इस सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनने की स्थिति में आएगा.भारत ऊर्जा ट्रांज़िशन को बाध्यता नहीं, अवसर के रूप में देखता है, और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है.

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