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India-US trade deal: भारतीय शेयर बाजार पर दिखेगा डील का असर, भागेंगे ये स्टॉक्स?

India-US trade deal: भारतीय शेयर बाजार पर दिखेगा डील का असर, भागेंगे ये स्टॉक्स?
India-US trade deal: भारतीय शेयर बाजार पर दिखेगा डील का असर, भागेंगे ये स्टॉक्स?

Share Market Image Credit source: सांकेतिक तस्वीर

भारत और अमेरिका के बीच बीते शुक्रवार को अंतरिम डील हुई. दोनों देशों की ओर से साझा स्टेटममेंट जारी करके इसके बारे में जानकारी दी गई. इस डील के ऐलान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में शानदार रैली देखने को मिली थी. इसी तर्ज पर आज यानी सोमवार 9 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार के ऊंचे स्तर पर खुलने की संभावना है.

ITA एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में पहला कदम होगा, जो टैरिफ को लेकर नजदीकी भविष्य की तस्वीर साफ करेगा और साथ ही गहरे ट्रेड इंटीग्रेशन के लिए रास्ता तैयार करेगा. निवेशकों के लिए इस घोषणा ने एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सेक्टर्स पर फोकस बढ़ाया है, जिन्हें अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने से फायदा होगा.

इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका चुनिंदा भारतीय सामानों पर 18% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा, जिसमें टेक्सटाइल और कपड़े, लेदर और जूते, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक केमिकल, होम डेकोर, हस्तशिल्प प्रोडक्ट और कुछ मशीनरी शामिल हैं. साथ ही, यह समझौता प्रोडक्ट्स के एक बड़े सेट पर रेसिप्रोकल टैरिफ को संभावित रूप से हटाने की बात करता है, जिससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. यह डील अनिश्चितता से भरी ट्रेड न्यूज से हटकर एक ज्यादा नियम-आधारित फ्रेमवर्क की ओर बदलाव का भी संकेत देती है, जिसे बाजार आमतौर पर बेहतर कमाई की संभावना के तौर पर देखते हैं.

ट्रंप-मोदी की घोषणाओं के बाद से क्या बदला?

जॉइंट स्टेटमेंट में कानूनी और पॉलिसी से जुड़ी स्पष्टता जोड़ी गई है, जो पहले की सोशल मीडिया घोषणाओं में नहीं थी. JM फाइनेंशियल के मुताबिक, भारतीय निर्यात को ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा और कुछ खास एयरक्राफ्ट कंपोनेंट्स पर टैरिफ में छूट मिलेगी. इसके बदले में अमेरिका को कई सेक्टर्स में टैरिफ में कटौती का फायदा होगा, जिसमें फूड और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट शामिल हैं. इसके साथ ही भारत की ओर से अगले पांच साल में $500 बिलियन की प्लान्ड खरीद से जुड़ी लॉन्ग-टर्म कमिटमेंट भी शामिल है.

सबसे अहम बात यह है कि अमेरिका ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14329 के तहत अतिरिक्त 25% एड वैलोरम ड्यूटी को कानूनी तौर पर वापस ले लिया है, जो 7 फरवरी, 2026 से लागू होगी. एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि भारत ने रूसी तेल के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट आयात को बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है, जबकि अमेरिकी एनर्जी प्रोडक्ट्स की खरीद को बढ़ाया जाएगा.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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