
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
India AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में होने जा रहा India AI Impact Summit इस बार खासा ऐतिहासिक माना जा रहा है. 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 35 से 40 ग्लोबल CEOs से मुलाकात करेंगे, जिनमें OpenAI के सैम ऑल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और कई दिग्गज कंपनियों के प्रमुख शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं होगी, बल्कि भारत में AI निवेश, रोजगार सृजन और टेक्नोलॉजी सहयोग पर ठोस चर्चा का मंच बनेगी. सरकार को उम्मीद है कि इस समिट के दौरान करीब 100 अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव सामने आ सकते हैं. यह समिट 16 से 20 फरवरी तक चलेगी.
40 दिग्गज CEOs के साथ रणनीतिक बातचीत
समिट में एयरटेल के सुनील भारती मित्तल, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, बिल गेट्स, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई सहित कई ग्लोबल टेक लीडर्स शामिल होंगे. माइक्रोसॉफ्ट, नेटफ्लिक्स, जूम और अमेजन के सीनियर अधिकारी भी चर्चा में भाग लेंगे. सूत्रों के अनुसार इन बैठकों में कंपनियों की भारत निवेश योजना, AI रणनीति, रोजगार सृजन की संभावनाएं और सरकार के साथ साझेदारी पर विस्तार से बात होगी. लक्ष्य है कि AI को भारत के विकास मॉडल का मजबूत स्तंभ बनाया जाए.
Microsoft का बड़ा दांव, 17.5 अरब डॉलर का निवेश
पिछले दिसंबर में माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में 17.5 अरब डॉलर यानी करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की थी. यह एशिया में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है. यह निवेश अगले चार वर्षों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, क्लाउड क्षमता बढ़ाने और लाखों लोगों को डिजिटल स्किल्स में प्रशिक्षित करने पर खर्च किया जाएगा. इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला ने नई दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात कर भारत की भूमिका पर चर्चा की थी.
20 देशों के लीडर्स, 45 देशों के प्रतिनिधि
प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर 20 देशों के लीडर्स समिट में शामिल होंगे. इनमें ब्राजील के लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, फ्रांस के इमैनुएल मैक्रों और स्पेन के पेड्रो सांचेज जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इसके अलावा 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे. पांच दिन चलने वाला यह आयोजन भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन सहित दिल्ली के प्रमुख स्थलों पर होगा.
रोजगार, स्किलिंग और AI का भविष्य
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह समिट तीन मूल सूत्रों People, Planet और Progress पर आधारित है. इसका मकसद AI को केवल तकनीकी चर्चा तक सीमित न रखकर समाज और विकास से जोड़ना है. समिट में ऑटोमेशन से जुड़ी चिंताओं और संभावित नौकरी नुकसान पर भी चर्चा होगी. स्किलिंग, रीस्किलिंग और वर्कफोर्स ट्रांजिशन पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि AI के दौर में नए रोजगार अवसर तैयार किए जा सकें. इस समिट के लिए दो लाख से अधिक प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन किया है, जिनमें उद्योग, अकादमिक जगत, सिविल सोसाइटी के साथ किसान और जमीनी स्तर के लोग भी शामिल हैं. इससे साफ है कि भारत AI को आम लोगों की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है.
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