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सीहोर में मजबूर पिता ने सड़क किनारे खोदी नवजात की कब्र, अस्पताल की एक ‘ना’ ने छीन ली जिंदगी

सीहोर में मजबूर पिता ने सड़क किनारे खोदी नवजात की कब्र, अस्पताल की एक ‘ना’ ने छीन ली जिंदगी

किसी भी माता-पिता के लिए सबसे बड़ी खुशी उनकी संतान का स्वस्थ रहना है. बच्चों को जरा सी परेशानी होती है तो वे दुखी होते हैं और पीड़ा होती है. मध्य प्रदेश के सीहोर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक नवजात को पर्याप्त इलाज ना मिलने पर उसकी मौत हो गई. इसके बाद पिता ने सड़क किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया. परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.

परिजनों ने किया प्रदर्शन
दरअसल, 30 दिसंबर 2025 को एक गर्भवती महिला, जिसका नाम ममता जाट बताया जा रहा है, उसे अस्पताल में शाम 4.30 बजे भर्ती किया गया. इसके तीन दिन बाद यानी 2 जनवरी 2026 को महिला ने रात 2.22 बजे एक प्री-मेच्योर बच्ची को जन्म दिया. जन्म के समय बच्ची का वजन 900 ग्राम था, जो कि कम था.

बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल के SNSU में भर्ती किया गया. इस दौरान नवजात की स्थिति चिंताजनक और गंभीर थी. 5 जनवरी की दोपहर करीब 3.30 बजे बच्ची की मृत्यु हो गई. चिकित्सकों के द्वारा परिजनों को शिशु का शव लेने के लिए बुलाया, लेकिन बच्ची के पिता संतोष जाट ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया.

स्टाफ को कारण बताओ नोटिस
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने संबंधित चिकित्सकों और स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. वहीं, प्रबंधन का कहना है कि परिजनों ने प्रदर्शन से पहले सिविल सर्जन, RMO या किसी वरिष्ठ चिकित्सक को सूचित नहीं किया. महिला डॉक्टर ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि उन्होंने प्रसूता की जांच की गई थी और प्रसव प्रशिक्षित नर्सिंग ऑफिसर द्वारा लेबर रूम में कराया गया था.

नवजात बच्ची का सड़क पर अंतिम संस्कार
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जब संतोष जाट से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि उन्हें जिला अस्पताल के सामने चल रहे धरने से हटा दिया गया था. इसके बाद उन्होंने सीहोर–भेंरूदा–इछावर मार्ग पर, अपनी नवजात बच्ची का अंतिम संस्कार सड़क पर ही कर दिया.

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