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सुबह ज्यादा रहता है बीपी तो हो सकता है इस बीमारी का खतरा, यूं करें कंट्रोल

सुबह ज्यादा रहता है बीपी तो हो सकता है इस बीमारी का खतरा, यूं करें कंट्रोल
सुबह ज्यादा रहता है बीपी तो हो सकता है इस बीमारी का खतरा, यूं करें कंट्रोल

हाई बीपी Image Credit source: Getty Images

आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है. यह समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है. बदलती लाइफस्टाइल, काम का दबाव और खराब दिनचर्या के कारण कई लोगों में सुबह के समय बीपी ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है, जिसे मॉर्निंग हाइपरटेंशन कहा जाता है. कई बार व्यक्ति खुद को ठीक महसूस करता है, लेकिन सुबह उठते ही बीपी बढ़ा हुआ मिलता है. यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो शरीर पर इसका असर धीरे-धीरे दिखने लगता है.

लोग अक्सर इस समस्या को हल्के में ले लेते हैं और जांच या इलाज में देरी कर देते हैं. जबकि सुबह बढ़ा हुआ बीपी भविष्य में गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है. इसलिए इस पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है. आइए जानते हैं कि सुबह बीपी क्यों बढ़ जाता है और इससे किन बीमारियों का खतरा होता है.

सुबह बीपी क्यों बढ़ जाता है?

राजीव गांधी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि सुबह के समय शरीर नींद की अवस्था से एक्टिव अवस्था में आता है. इस दौरान शरीर में कई अंदरूनी बदलाव होते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है. कुछ लोगों में यह बदलाव सामान्य से ज्यादा होता है, जिससे सुबह बीपी हाई रिकॉर्ड होता है.

अगर व्यक्ति देर रात तक जागता है, नींद पूरी नहीं लेता या तनाव में रहता है, तो इसका असर सुबह के बीपी पर पड़ सकता है. इसके अलावा अनियमित दवा लेना, सुबह जल्दी भागदौड़ करना या नाश्ता छोड़ देना भी बीपी को प्रभावित कर सकता है. लंबे समय तक अगर सुबह बीपी ज्यादा बना रहता है, तो यह एक चेतावनी हो सकती है कि शरीर सही तरह से संतुलन नहीं बना पा रहा है.

बीपी बढ़ने से किन बीमारियों का खतरा होता है?

सुबह लगातार हाई बीपी रहने से हार्ट और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की आशंका ज्यादा देखी जाती है. हाई बीपी नसों पर दबाव डालता है, जिससे ब्लड फ्लो प्रभावित हो सकता है.

समय के साथ यह किडनी और आंखों की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है. कई मामलों में ब्रेन हेमरेज जैसी गंभीर स्थिति का जोखिम भी बढ़ जाता है. इसलिए सुबह के समय बीपी बढ़ना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि शरीर का चेतावनी संकेत माना जाता है.

कैसे करें बचाव

रोज़ाना एक तय समय पर बीपी जांचें.

नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें.

नियमित वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज करें.

पूरी और अच्छी नींद लें.

तनाव कम रखें और डॉक्टर की सलाह से दवा लें.

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