Politics

मैं नेहरूवादी-राजीववादी हूं लेकिन राहुलवादी नहीं… मणिशंकर अय्यर ने खोला मोर्चा, बोले- स्टालिन बनें INDIA के चेयरमैन

मैं नेहरूवादी-राजीववादी हूं लेकिन राहुलवादी नहीं… मणिशंकर अय्यर ने खोला मोर्चा, बोले- स्टालिन बनें INDIA के चेयरमैन
मैं नेहरूवादी-राजीववादी हूं लेकिन राहुलवादी नहीं... मणिशंकर अय्यर ने खोला मोर्चा, बोले- स्टालिन बनें INDIA के चेयरमैन

मणिशंकर अय्यर

कांग्रेस पार्टी में सोमवार को एक नया पॉलिटिकल विवाद तब खड़ा हो गया जब कांग्रेस के पूर्व नेता मणिशंकर अय्यर ने पार्टी लीडरशिप और उसके ऑफिशियल स्पोक्सपर्सन पर तीखा हमला किया, इसके अलावा उन्होंने केरल में पार्टी के अंदरूनी अनुशासन और चुनावी संभावनाओं पर सवाल उठाए.

ANI से बात करते हुए अय्यर ने कहा, “ऐसी पार्टी को कौन वोट देगा जिसके नेता एक-दूसरे के पीछे पड़े हैं? क्या आपको लगता है कि केरल के लोगों को नहीं पता कि कांग्रेस लीडरशिप में क्या हो रहा है? कम से कम पिनाराई कीसरकार में अनुशासन है. उनके पास कोई मणिशंकर अय्यर नहीं है.”

उन्होंने कांग्रेस मीडिया डिपार्टमेंट के हेड पवन खेड़ा पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, “पवन खेड़ा के लिए मेरे मन में बिल्कुल भी सम्मान नहीं है और मैं उनसे पूरी तरह नफरत करता हूं”

नेहरू गांधी के खिलाफ बागी थे- अय्यर

उन्होंने अपने बागी होने पर उदाहरण देते हुए कहा, “मैं मणिशंकर अय्यर हूं क्योंकि नेहरू गांधी के खिलाफ बागी थे, सुभाष बोस गांधी के खिलाफ बागी थे. फिर भी गांधी ने जवाहरलाल नेहरू को भारत का PM बनाया. अगर सुभाष बोस 17 अगस्त 1945 को हुए एयरक्रैश में बच जाते, तो मुझे यकीन है कि वे भारत के प्रेसिडेंट होते. तो, वे इस तरह से नाराज़गी से निपटते थे.”

उन्होंने आगे कहा कि अभी की कांग्रेस इससे कैसे निपटती है? उन्होंने पवन खेड़ा जैसे किसी को ऑफिशियल स्पोक्सपर्सन बना दिया है. मेरे मन में पवन खेड़ा के लिए बिल्कुल भी इज्ज़त नहीं है और मैं उनसे पूरी तरह नफ़रत करता हूं.”

INDIA ब्लॉक को मज़बूत कर सकते हैं अय्यर

मणिशंकर अय्यर कहते हैं, “अगर INDIA ब्लॉक को मज़बूत किया जाता है, तो मुझे लगता है कि इसे मज़बूत करने के लिए सबसे सही आदमी MK स्टालिन हैं. जब कामराज को जवाहरलाल नेहरू के बाद भारत का PM बनने के लिए कहा गया, तो उन्होंने एक ही लाइन में कहा – “नो इंग्लिश, नो हिंदी. कैसे?” तो, MK स्टालिन भी उसी हालत में हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “राहुल गांधी भारत के PM बन सकते हैं, बशर्ते कोई ऐसा हो जो अपना सारा समय INDIA ब्लॉक को मज़बूत करने में लगाए. एक आदमी जो नारे नहीं, बल्कि मुद्दे उठा रहा है, उसने कभी ‘सूट बूट सरकार’, ‘चौकीदार चोर है’, ‘वोट चोर गड्डी छोड़’ नहीं कहा, स्टालिन ने पिछले साल जो किया है, वह भारत में फ़ेडरलिज़्म से जुड़े हर एक पॉइंट को उठाना है.

Khabar Monkey
the authorKhabar Monkey

Leave a Reply