
हमास की सैन्य विंग अल-कस्साम ब्रिगेड ने शनिवार को एक वीडियो जारी किया है, जिसमें 19 साल इजराइली बंदी लिरी एलबाग 7 अक्टूबर, 2023 से अपनी हिरासत का जिम्मेदारी इजराइली सरकार को बता रही हैं.
वीडियो फुटेज में एलबाग ने इजराइली सरकार और सेना पर बंधकों को उनकी ‘किस्मत’ पर छोड़ने का आरोप लगाया है.
द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक जब हमास ने हमला किया, तब इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) की सैनिक लिरी एलबाग गाजा सीमा के पास नाहल ओज सैन्य अड्डे पर तैनात थी. उन्हें और छह अन्य लोगों को समूह ने बंधक बनाया, जबकि हमलों में 15 सैनिक मारे गए थे.
क्लिप में एलबाग ने क्या कहा?
साढ़े तीन मिनट के वीडियो में एलबाग ने कहा कि उसे 450 दिनों से ज्यादा समय से बंधक बनाकर रखा गया है और दावा किया कि इजराइली सरकार उसे और दूसरे बंधकों को भूल गई है. वीडियो में हिब्रू में उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ 19 साल की हूं. मेरे सामने मेरी पूरी जिंदगी है, लेकिन अब मेरी पूरी जिंदगी रुक गई है.
वीडियो में एलबाग ने खुलासा किया कि चल रहे इजराइली सैन्य अभियानों के कारण एक और बंदी को गंभीर चोटें आई हैं, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बंदियों की रिहाई इजराइली सेना की वापसी पर निर्भर है. उन्होंने दुख जताते हुए ये भी कहा कि कैदी सरकार या सेना के लिए प्राथमिकता नहीं हैं.
परिवार की पीएम से की मांग
फुटेज के बाद एलबाग के परिवार ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा, ‘क्लिप ने हमारे दिल को तोड़कर रख दिया है. यह वह बेटी और बहन नहीं है जिसे हम जानते हैं, उसकी परेशानी साफ दिख रही है.’
उन्होंने आगे इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से उसकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की और कहा कि यह फैसला लेने का समय है जैसे कि यह आपके अपने बच्चे हों.
हमास की कैद में बंधक
7 अक्टूबर 2023 में हुए हमास के हमले में समूहने लगभग 250 इजराइलियों को बंदी बना लिया था, जिसमें से करीब 90 बंदी अभी भी गाजा में हैं. बंधकों की रिहाई को लेकर इजराइल में आए दि प्रदर्शन हो रहे हैं.
हमास की सीजफायर के लिए शर्त है कि गाजा से पूर्ण रूप से इजराइली सेना की वापसी, अंतरराष्ट्रीय मदद और गाजा के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ हो. जबकि इजराइल अस्थाई युद्धविराम पर जोर दे रहा है और गाजा से सेना वापसी पर राजी नहीं है.