
पीएम मोदी की ग्रैंड मुफ्ती से मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद से मुलाकात की और दोनों की बीच कई मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई. एक्स पर एक पोस्ट में PM मोदी ने कहा, “उनकी भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद साहब के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई. हमने कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया”.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “सामाजिक सद्भाव, भाईचारे को बढ़ाने और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं.” ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद दुनिया के 500 इंफ्लूएंसर मुस्लिमों में आते हैं. वह भारत के 10वें और मौजूदा ग्रैंड मुफ्ती हैं, इस पद के लिए वह फरवरी 2019 में नियुक्त हुए थे. वह केरल के एक जाने-माने सुन्नी स्कॉलर हैं, जो कई तरह के सामाजिक कामों को कर रहे हैं. साथ ही ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा को लीड करते हैं.
ग्रैंड मुफ्ती का नाम नेशनल मीडिया पर पिछले साल यमन में केरल की नर्स निमिशा प्रिया की फांसी रुकवाने में अहम भूमिका निभाने के चलते आया था. जब फांसी को रुकवाने के लिए सब डिप्लोमेसी फेल हो गई थी, तब यमन के मौलवियों के साथ बातचीत कर ग्रैंड मुफ्ती ने तलाल महदी के परिवार से संपर्क किया और आखिरी समय में निमिशा की फांसी रुकवाई थी. बता दें, प्रिया पर 2017 में एक यमनी नागरिक की हत्या का आरोप है. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद एक बार फिर शेख अबूबक्र अहमद खबरों में है, आइये जानते हैं वह कौन है और क्यों उनका नाम दुनिया भर में सम्मान से लिया जाता है.
ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद के बारे में
शेख अबूबकर अहमद भारत के 10वें ग्रैंड मुफ़्ती हैं और दुनिया भर में जाने-माने इस्लामिक स्कॉलर हैं. जामिया मरकज के फाउंडर के तौर पर, उन्होंने भारत के सबसे बड़े एजुकेशनल और ह्यूमैनिटेरियन नेटवर्क में से एक बनाया है, जो 200 से ज़्यादा इंस्टीट्यूशन, 300+ CBSE स्कूल और 20 हजार प्राइमरी एजुकेशन सेंटर की देखरेख करते हैं.

उन्हें ‘अबुल अयतम’ (अनाथों के पिता) के नाम से जाना जाता है, उनके ह्यूमैनिटेरियन काम से हज़ारों लोगों को फायदा हुआ है. उन्होंने 60 से ज़्यादा किताबें लिखी हैं, 20 हजार के करीब धार्मिक स्कॉलर को गाइड किया है, और शांति के लिए एक जानी-मानी आवाज़ हैं.
उन्होंने ‘कॉमन वर्ड’ एग्रीमेंट पर साइन किए थे और चार दशकों तक इंटरनेशनल पीस कॉन्फ्रेंस को होस्ट किया. एक्सट्रीमिज़्म के खिलाफ उनकी कोशिशों और कम्युनिटी को मजबूत बनाने में उनके रोल ने उन्हें दुनिया के 500 सबसे असरदार मुसलमानों में जगह दिलाई है.
प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद क्या बोले ग्रैंड मुफ्ती?
शेख अबू बकर अहमद ने पीएम से मुलाकात के बाद अपने एक्स पर एक प्रेस ब्रीफ में बैठक में हुई बातचीत के बारे में बताया. प्रेस ब्रीफ के मुताबिक भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले. मीटिंग के दौरान, उन्होंने कई सोशल और एजुकेशनल टॉपिक पर बात की.
ग्रैंड मुफ्ती ने अपने हाल के केरल टूर ‘विद ह्यूमैनिटी’ के दौरान इकट्ठा की गई कुछ रिक्वेस्ट शेयर की. उन्होंने वक्फ प्रॉपर्टी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और पुरानी मस्जिदों की सुरक्षा के लिए कहा. उन्होंने मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप जैसी पुरानी एजुकेशनल स्कीम को फिर से शुरू करने की भी रिक्वेस्ट की, जो माइनॉरिटी स्टूडेंट्स की मदद करती है. इसके अलावा मलप्पुरम में अलीगढ़ यूनिवर्सिटी सेंटर जैसे माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशन का डेवलपमेंट, आबादी के आधार पर रिसोर्स का सही बंटवारा आदी पर बात हुई.
Met Honble Prime Minister @narendramodi today in New Delhi.
We had a meaningful discussion on various social, humanitarian, educational and developmental matters, along with issues concerning minority welfare and important international developments. I also brought to his pic.twitter.com/ioxzST5rlZ— Sheikh Abubakr Ahmad الشيخ أبوبكر أحمد (@shkaboobacker) February 16, 2026
प्रेस ब्रीफ में बताया गया है कि प्रधानमंत्री ने जामिया मरकज और जमीयतुल उलेमा के किए गए सोशल काम की तारीफ की. उन्होंने कहा कि उनकी कोशिशों से भारत दुनिया के स्टेज पर अच्छा दिख रहा है. आखिर में दोनों नेता ऐसे डेवलपमेंट की ज़रूरत पर सहमत हुए जिसमें सभी शामिल हों और सरकार और माइनॉरिटी कम्युनिटी के बीच बेहतर कनेक्शन हो.
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