EPFO अपने सिस्टम में बड़ा बदलाव कर रहा है, जिससे पीएफ खाताधारकों के लिए पैसा निकालना और ट्रांसफर करना आसान हो जाएगा। 25 जुलाई को CITES प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सकती है, जिससे नौकरी बदलने पर पीएफ ऑटोमैटिक ट्रांसफर होगा और निकासी नियम सरल होंगे।

EPFO यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां Employees’ Provident Fund Organisations यानी ईपीएफओ अपने सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। 25 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में Centralised IT Enabled Services प्रोजेक्ट के अहम प्रावधानों को मंजूरी दी जा सकती है। इस फैसले का सीधा असर देश के करोड़ों PF खाताधारकों पर पड़ेगा, जिनके लिए अब पैसा निकालना और ट्रांसफर करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
क्या है नया?
दरअसल, EPFO का यह नया डिजिटल सिस्टम PF से जुड़े जटिल नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अभी तक नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर कराने के लिए कर्मचारियों को कई प्रक्रियाओं और अप्रूवल से गुजरना पड़ता है, लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद यह प्रक्रिया ऑटोमैटिक हो जाएगी। यानी नौकरी बदलते ही PF अकाउंट अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा न झंझट, न देरी।
किन कैटेगरी में बांटा गया PF निकासी?
इतना ही नहीं, PF निकासी के नियमों को भी आसान बनाने की तैयारी है। मौजूदा समय में अलगअलग परिस्थितियों के लिए कई जटिल नियम हैं, लेकिन CITES के तहत इन्हें तीन आसान कैटेगरी जरूरी जरूरत, हाउसिंग और विशेष परिस्थितियों, में बांटा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, सदस्य अपने कुल PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकेंगे, जिससे जरूरत के समय फंड तक पहुंच और आसान हो जाएगी।
सरकार का मकसद
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से 7 करोड़ से ज्यादा सक्रिय सब्सक्राइबर्स और 80 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा। यह बदलाव न सिर्फ प्रक्रियाओं को तेज करेगा, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ाएगा।
EPFO का यह कदम कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, जहां PF से जुड़ी लंबी प्रक्रियाएं अब आसान, तेज और पूरी तरह डिजिटल होने जा रही हैं।




