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माफी के बाद भी कतर में कैद हैं नेवी के पूर्व अधिकारी, परिवार ने PM मोदी से की ये अपील

माफी के बाद भी कतर में कैद हैं नेवी के पूर्व अधिकारी, परिवार ने PM मोदी से की ये अपील
माफी के बाद भी कतर में कैद हैं नेवी के पूर्व अधिकारी, परिवार ने PM मोदी से की ये अपील

पूर्णेंदु तिवारी और नरेंद्र मोदी

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को दिसंबर में कतर में एक कोर्ट के फैसले के बाद फिर से गिरफ्तार किया गया है. विदेश मंत्रालय की तरफ से इसकी जानकारी दी गई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पूर्णेंदु तिवारी को पिछले महीने एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया था जो कतर में काफी समय से चल रहा है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने कई दूसरे लोगों को भी गिरफ्तार किया, लेकिन वे भारतीय नागरिक नहीं हैं. हमारा दूतावास कमांडर तिवारी और उनके परिवार के संपर्क में है. उनकी गिरफ्तारी कोर्ट के फैसले के बाद हुई. यह मामला विचाराधीन है और मेरे लिए इस पर और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.

7 भारतीय वापस लौट आए

पूर्णेंदु को पहले अगस्त 2022 में सात अन्य पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों के साथ हिरासत में लिया गया था. कतर के अधिकारियों ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को कभी सार्वजनिक नहीं किया. उन्हें अक्टूबर 2023 में मौत की सजा सुनाई गई थी. भारत ने इस फैसले को ‘बेहद चौंकाने वाला’ बताया था. भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद, फरवरी 2024 में आठ लोगों को रिहा कर दिया गया. उनमें से सात भारत लौट आए, जबकि पूर्णेंदु को उनके खिलाफ लगे आरोपों के संबंध में कतर में ही रुकने के लिए कहा गया था.

पीएम मोदी से लगाई मदद की गुहार

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दखल के बाद कतर ने आठ भारतीय नौसेना के पूर्व सैनिकों को माफ़ कर दिया, तो उनके परिवारों को लगा कि अब यह मुश्किल खत्म हो गई है. लेकिन, भारत में उनकी 80 साल की मां अभी भी अपने बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रही हैं. दोहा की जेल में उनकी सेहत खराब हो रही है, इसलिए अब उनका परिवार सीधे पीएम मोदी से एक और दखल देने की अपील कर रहा है. उनकी लगातार हिरासत को राष्ट्रीय सम्मान का मामला बता रहा है.

उनकी बहन, मीतू भार्गव का आरोप है कि दहारा ग्लोबल के CEO ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके सारा फाइनेंशियल दोष उनके भाई पर डाल दिया. बाद में अधिकारियों ने उन्हें अकेले जेल में रखकर उनसे उनके इन्वॉल्वमेंट की बात कबूल करने वाले कागज पर साइन करने के लिए मजबूर किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मीतू ने भावुक अपील करते हुए कहा कि 65 साल के नेवी के पूर्व सैनिक, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, वो बिना किसी गलती के जेल में बंद हैं.

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