BusinessViral

बुर्ज खलीफा भूल, जाइए, इस शहर में बनने जा रही दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग

बुर्ज खलीफा भूल, जाइए, इस शहर में बनने जा रही दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग
बुर्ज खलीफा भूल, जाइए, इस शहर में बनने जा रही दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग

What is the height of Dubai Creek Tower: दुनिया में सबसे ऊंची इमारत यानी बुर्ज खलीफा को टक्कर देने वाला दुबई क्रीक टावर दोबारा रफ्तार पकड़ने जा रहा है. मशहूर रियल एस्टेट कंपनी एम्मार प्रॉपर्टीज (Emaar Properties) ने इस बारे में बड़े संकेत दिए हैं. माना जा रहा है कि लंबे समय से रुके मेगा प्रोजेक्ट के लिए अगले तीन महीनों में नया टेंडर जारी कर दिया जाएगा.

सहयोगी वेबसाइट WION की रिपोर्ट के मुताबिक, एम्मार के के संस्थापक मोहम्मद अलब्बार ने साफ किया है कि यह परियोजना अब ठंडे बस्ते में नहीं है. उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को नए डिजाइन, उद्देश्य और नए विजन के साथ फिर से प्लान किया गया है. जिस पर अगले कुछ महीनों में काम शुरू हो जाएगा. अलब्बार ये बात दुबई इंटरनेशनल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट फोरम में बोल रहे थे.

नए डिजाइन में बनेगा टावर
यही वजह है कि अब टावर की डिजाइन फिलॉसफी बदली गई है. अब ऊंचाई से ज्यादा खूबसूरती और अर्थपूर्ण वास्तुकला पर जोर होगा. अलब्बार ने कहा कि दुबई को सिर्फ ऊंचाई के लिए ऊंचाई नहीं चाहिए. इसके साथ ही सुंदरता और प्रभाव भी होना चाहिए. ऐसा करने के दौरान आसपास के पर्यावरण और शहरी ढांचे से भी सामंजस्य रखा जाएगा.

दुबई क्रीक टावर परियोजना के कंसेंप्ट को पहली बार 2010 के दशक में पेश किया गया था. इसे मशहूर स्पेनिश आर्किटेक्ट सैंटियागो कैलात्रावा ने डिजाइन किया था. उस वक्त इसमें इस्लामिक मीनारों और प्राकृतिक आकृतियों से प्रेरित डिज़ाइन बनाने थे. मजबूत नींव के लिए 50,000 घन मीटर से ज्यादा कंक्रीट का इस्तेमाल होना था. इस टावर निर्माण के पीछे दुबई को वैश्विक डिजाइन हब के रूप में स्थापित करने की सोच थी.

क्यों रुका था दुबई क्रीक टावर?

दुबई क्रीक टावर को पहली बार कोविड-19 से पहले बड़े उत्साह के साथ पेश किया गया था. उस वक्त इसे दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनाने की योजना थी. जो बुर्ज खलीफा को भी पीछे छोड़ देती. लेकिन महामारी, वैश्विक अनिश्चितता और रणनीतिक बदलावों के चलते इस परियोजना को रोक दिया गया. अब एम्मार ने नए डिजाइन और सोच के साथ ही इस प्रोजेक्ट को फिर से आगे बढ़ाने का ऐलान किया है.

एम्मार ने इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से अभी कुछ नहीं बताया है. हालांकि माना जा रहा है कि यह परियोजना अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने वाली है. यह टावर 6 वर्ग किलोमीटर में फैले दुबई क्रीक हार्बर में बनाया जाएगा. इसके निर्माण के बाद यह इस हॉर्बर का मुख्य आकर्षण बन जाएगा. इस इलाके में पहले ही लग्ज़री रेजिडेंस, पार्क, मरीना और रिटेल ज़ोन विकसित हो चुके हैं.

माउंट एवरेस्ट से भी काफी ऊंचा टावर

दुबई क्रीक टावर को दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. हालांकि इसकी ऊंचाई कितनी होगी, इसके बारे में अभी कोई खुलासा नहीं किया गया है. माना जा रहा है है कि यह ऊंचाई 928 मीटर से लेकर 1,300 मीटर तक हो सकती है. फिलहाल दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 828 मीटर है. यह ऊंचाई माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) से कहीं ज्यादा है.

एम्मार ने यह कदम उठाने की घोषणा ऐसे समय पर की है. जब सऊदी अरब का किंगडम टावर जैसे सुपर-टॉल प्रोजेक्ट फिर से रफ्तार पकड़ रहे हैं. इससे वैश्विक स्तर पर आइकॉनिक इमारतों की दौड़ और तेज होने के आसार बढ़ गए हैं.

Jack
the authorJack
Hello friends, Welcome you all to my website. I am the founder of www.khabarmonkey.com. I am SEO/SMO Expert, Digital Marketing, Content Writer and Site Developer